आईआईआईटी के लिए 11.11 करोड़ में 48 एकड़ जमीन खरीदने को सरकार की मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) बनाने के लिए किलोहड़द में पिछले छह साल से जिस जमीन को लेकर खींचतान चल रही थी, वह सरकार ने अब खत्म कर दी है। किलोहड़द गांव की पंचायत से 48 एकड़ जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा को देने के प्रस्ताव को डीसी ने चार महीने पहले सरकार को भेजा था, उसे सरकार से मंजूरी मिल गई है। यह जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग 11.11 करोड़ रुपये में खरीदेगा और अब आईआईआईटी का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा।
प्रदेश में हुड्डा सरकार के समय वर्ष 2013 में किलोहड़द में आईआईआईटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। आईआईआईटी को बनाने के लिए 20 जून 2013 को किलोहड़द में पंचायती जमीन को तकनीकी शिक्षा विभाग को 33 साल की लीज पर देने के लिए प्रस्ताव पंचायत एवं विकास विभाग के महानिदेशक को भेजा गया था। उस प्रस्ताव को महानिदेशक ने 19 सितंबर 2013 को मंजूर कर दिया था। उसके बाद यह मामला लटका रहा और 2016 में आईआईआईटी बनाने के लिए चार दीवारी का काम शुरू कर दिया गया। लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2 जनवरी 17 को पत्र जारी करके कहा कि जिस जमीन पर आईआईआईटी बनाई जाएगी, उस जमीन पर तकनीकी शिक्षा विभाग का मालिकाना हक होना चाहिए। किलोहड़द की पंचायती जमीन को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई तो 2017 में पंचायत ने इसका विरोध कर दिया था। जिससे आईआईआईटी बनने का मामला खटाई में पड़ गया था। लेकिन पंचायत ने चार महीने पहले 48 एकड़ 2 कनाल एक मरला जमीन को 23 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तकनीकी शिक्षा विभाग को देने के लिए प्रस्ताव डीसी विनय सिंह को सौंपा था। इस तरह यह जमीन 11 करोड़ 11 लाख 33 हजार 125 रुपये की होती है, जिसकी फाइल डीसी विनय सिंह ने सरकार को भेजी थी। जिसे खरीदने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है और अब इसपर काम शुरू करा दिया जाएगा।
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किलोहड़द में आईआईआईटी के लिए पंचायत के जमीन बेचने को तैयार होने पर डीसी की ओर से सरकार को फाइल भेजी गई थी। जिसकी सरकार से मंजूरी मिल गई है और अब आईआईआईटी का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
-एनएस धनखड़, डीडीपीओ