शूटर अंकुर ने रचा नया इतिहास, नेशनल, एशियन व वल्र्ड में एक साथ पहली रैंकिंग
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अंकित चौहान
सोनीपत। शूटर अंकुर मित्तल ने वर्ल्ड में पहली रैंकिंग पर आते ही नया इतिहास रच दिया है, वह ऐसे शूटर बन गए है जो नेशनल, एशियन और वर्ल्ड तीनों रैंकिंग में एक साथ पहले नंबर पर जगह बनाए हुए हैं। डबल ट्रैप राइफल के शूटर अंकुर इससे पहले भी सितंबर 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रच चुके हैं। क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में आजतक देश का कोई भी शूटर डबल ट्रैप राइफल में रजत पदक नहीं जीत सका है। इस उपलब्धि पर शूटर अंकुर बहुत खुश है, लेकिन आगे भी लगातार इस तरह देश के लिए पदक जीतने के लिए खूब पसीना बहाने में लगे हैं। वहीं वह इन उपलब्धियों के बावजूद सरकार की अनदेखी के कारण मायूस दिख रहे है, क्योंकि उनको आजतक खेल नीति के तहत सम्मान ही नहीं मिल सका है।
सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अंकुर मित्तल ने 2010 में शूटिंग शुरू की तो उसने एक ही सपना देखा था कि देश के लिए मेडल जीतकर शिखर पर पहुंचना है। उसका सपना पूरा होने की शुरूआत 2011 में हुई थी, जब उसने इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, और वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर कामयाबी के शिखर पर चढ़ते चले गए। इसके साथ ही अंकुर का शिखर पर पहुंचने का सपना भी केवल सात साल खेलने के साथ ही पूरा हो गया। अब अंकुर को आईएसएसएफ (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन) की ताजा रैंकिंग में 2596 अंक के साथ पहला नंबर मिला है। अंकुर अभी तक वर्ल्ड रैंकिंग में 5वें नंबर पर चल रहे थे, और इस तरह उसने 4 रैंकिंग की छलांग लगाई है। उसको यह रैंकिंग मास्को में सितंबर 2017 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के कारण मिली है। इससे पहले अंकुर ने फरवरी में दिल्ली में हुए वर्ल्ड कप में रजत पदक जीता था, तो इस साल ही मैक्सिको में हुए वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता था। इनके बाद अस्ताना में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंकुर ने गोल्ड जीता था। इस तरह अंकुर के लिए अभी तक यह साल काफी बेहतर रहा है। अंकुर के लिए इनसे भी अलग एक यह उपलब्धि इस समय है कि वह एशियन रैंकिंग में 3193 अंकों के साथ पहले नंबर पर चल रहा है तो नेशनल रैंकिंग में भी वह पहले नंबर पर छाया हुआ है। इस तरह अंकुर ने एक साथ तीनों रैंकिंग में पहले नंबर पर रहकर नया इतिहास रच दिया है।
सरकार की अनदेखी पर मायूसी
शूटर अंकुर मित्तल के लिए जिस तरह साल सबसे बेहतर रहा है और उसने देश के लिए लगातार कई मेडल जीतकर रिकार्ड बनाए है। उससे वह काफी खुश नजर आ रहा है और अब उसका टारगेट दिल्ली में 27 अक्टूबर को होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल है। इसके अलावा वह देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतकर लाना चाहता है। अंकुर कहते है कि वह अपने खेल से काफी खुश है, लेकिन सरकार उसके बावजूद अनदेखी कर रही है। उनके लगातार सात साल से मेडल जीतने पर भी केवल एक बार डेढ़ साल पहले इनामी राशि दी गई थी और वह भी आधी देकर छोड़ दी गई, जबकि वह हर साल उसके लिए आवेदन करते हैं।