सोनीपत। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भले ही रोहतक में आकर संगठन के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे, लेकिन इसका असर सोनीपत तक पड़ता दिख रहा है। अमित शाह के आने के कारण ही सोनीपत जिला परिषद की मीटिंग को कैंसिल कर दिया गया है, जबकि इस मीटिंग के न होने से विकास कार्य अटके हुए है। जिला परिषद के पार्षदों की यह मीटिंग 2 अगस्त को बुलाई गई थी, जिसे दस दिन पीछे कर दिया गया है। यह उस हालात में किया गया है, जब पिछले दो महीने से जिला परिषद की मीटिंग नहीं हुई है। जिला परिषद की मीटिंग कैंसिल करने की सूचना सोमवार को सभी पार्षदों को दी गई और इसका कारण भी अमित शाह के रोहतक में आना बताया गया।
जिला परिषद की पिछली मीटिंग 30 मई को कराई गई थी और उसमें भी विकास कार्यों पर किसी तरह की बातचीत नहीं हो सकी थी। उसमें ग्रांट को बांटने को लेकर बातचीत हुई थी तो पार्षदों को दिए जाने वाले बेंच पर चर्चा की गई थी। उसके अलावा मीटिंग में कुछ नहीं हो सका था। इस बीच ही 2 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का रोहतक में आने का कार्यक्रम तय हो गया जो 4 अगस्त तक यहां रहेंगे और भाजपा पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। जिसके लिए जिला परिषद चेयरपर्सन मीना नरवाल की ओर से सभी पार्षदों को सूचना भेजी गई है और अब यह मीटिंग आगे बढ़ाकर दस दिन बाद कराने की बात कही गई है।
इन एजेंडों पर होनी है मीटिंग
जिला परिषद की जिस मीटिंग को स्थगित किया गया है, उसमें पिछली बैठक की कार्रवाई करने की पुष्टि करने का एजेंडा रखा गया था। इसके अलावा पंचायत विभाग के अधिकारियों से पहले जारी हो चुकी राशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा की जानी थी। वहीं सोलर प्लांट लगवाने का एजेंडा भी रखा गया था। अब मीटिंग कैंसिल होने के कारण इन एजेंडों पर ही आगे मीटिंग कराई जाएगी। जिसमें पार्षद अपनी समस्याएं भी रख सकते है और विकास कार्य कराने का प्रस्ताव रख सकते है।
महिला पार्षदों के पति नहीं बैठने दिए जाएंगे
जिला परिषद की मीटिंग में कई बार महिला पार्षदों के पति भी आकर बैठ जाते है। लेकिन इस बार इसपर भी विशेष ध्यान रखा जाएगा और किसी पार्षद का पति आकर बैठता है तो उसका विरोध जताया जाएगा। जिला परिषद के वाइस चेयरमैन बिजेंद्र मलिक का कहना है कि महिलाओं को इसलिए ही चुनकर भेजा जाता है कि वह अपने फैसले खुद ले सके। इसलिए ही इसबार जिला परिषद की मीटिंग में किसी भी महिला पार्षद के पति को मीटिंग में नहीं बैठने दिया जाएगा, क्योंकि इसके लिए खुद सरकार ने निर्देश जारी किए हुए है।
अधिकारी नहीं पहुंचे तो उनसे होगा जवाब तलब
जिला परिषद की पिछली मीटिंग में कई बार विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचते है। मीटिंग में पंचायत विभाग के अधिकारी जरूर रहते है, लेकिन अन्य विभागों के अधिकारी इस मीटिंग को गंभीरता से नहीं लेते है। इस कारण ही उन विभागों की समस्याएं पार्षद मीटिंग में नहीं रख पाते है और वह समस्या रखते है तो वह केवल कागजों में दबकर रह जाती है। इस कारण ही मीटिंग में सभी विभागों के अधिकारी शामिल होंगे तो उनकी जानकारी में समस्या लाई जाएगी, जिससे उसका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जा सके। चेयरपर्सन मीना नरवाल की ओर से इस कारण ही सभी अधिकारियों को पत्र जारी किया गया, जिससे वह मीटिंग में मौजूद रहे।