शुगर मिल नहीं चलने पर भड़के किसान, दूसरी मिलों में भेजा गन्ना, एमडी ने दौरा कर जांच शुरू कराई
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दी सोनीपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने पर 15 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी मशीनें नहीं चल रही हैं। इस कारण ही शुगर मिल लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी बंद रही, जिसके विरोध में किसानों ने मिल में जमकर हंगामा किया। शुगरफेड के एमडी व डीसी भी वहां पहुंच गए। किसानों ने पिछले दस दिनों से मिल में गन्ना लेकर आने की बात कही तो एमडी ने वहां से अन्य मिलों में गन्ना भिजवाना शुरू कर दिया। किसानों ने एमडी के सामने मिल की क्षमता बढ़ाए जाने में धांधली का आरोप लगाया तो एमडी ने जांच कराने के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी और दो दिन में मिल चलाने के आदेश जारी किए गए।
सोनीपत शुगर मिल की पेराई क्षमता अभी तक केवल 16 हजार क्विंटल प्रतिदिन थी, जिसे बढ़ाकर 22 हजार क्विंटल किया गया है। जिसपर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मिल की पेराई क्षमता बढ़ाए जाने का प्रबंधन ने एक माह पहले खरखौदा के खांडा गांव में सीएम मनोहर लाल से उद्घाटन कराया था तो सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर शुगर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ भी करा दिया था। इसके बाद से मिल कभी रुक-रुककर चल रहा है तो वह बुधवार शाम को सात बजे से पूरी तरह बंद है। जबकि किसान अपना गन्ना लेकर पिछले दस दिनों से मिल में मौजूद हैं और इस कारण ही वह परेशान हो चुके हैं। इसको लेकर ही किसानों ने वीरवार को मिल में जमकर हंगामा किया था, जहां एडीसी जयबीर आर्य को मिल में पहुंचकर किसानों को समझाना पड़ा था। उसके बाद भी शुक्रवार तक शुगर मिल चालू नहीं हुआ तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया और किसानों ने मिल में दोबारा से हंगामा शुरू कर दिया। जिसपर शुगर मिल के एमडी सुरेंद्र दून ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों का हंगामा होता रहा। इस मामले में पता चलने पर शुगर फेड के एमडी आरएस वर्मा व डीसी विनय सिंह भी मिल में पहुंचे। जहां किसानों को समझाने का प्रयास किया तो किसानों ने बताया कि वह पिछले दस दिन से मिल में परेशान हो रहे हैं। जिसके बाद एमडी ने वहां से गन्ने को गोहाना, पानीपत, महम व रोहतक की मिल में भिजवाना शुरू किया तो खेतों में पड़े गन्ने को भी आसपास के मिलों में भिजवाने के लिए कहा गया।
एमडी के सामने लगाया धांधली का आरोप, जांच शुरू
वहां किसानों ने एमडी के सामने आरोप लगाया कि मिल की क्षमता बढ़ाने में धांधली की गई है, जिसकी जांच कराई जानी चाहिए। किसानों ने एमडी से बताया कि इतना रुपया खर्च करने के बाद भी मिल नहीं चल रही है। इसपर एमडी आरएस वर्मा ने एडीसी जयबीर आर्य की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई। इस कमेटी में शाहबाद, कैथल व करनाल शुगर मिल के चीफ इंजीनियर भी सदस्य होंगे। कमेटी जिस तरह की रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा एमडी ने दो दिन में मिल को चलाने के आदेश दिए।