नाबालिग को भगाने के बाद किया था दुष्कर्म, पांच दोषियों को सजा
भगाकर दुष्कर्म के दोषी को सात साल व भगाने में मददगार बने चार दोषियों को पांच-पांच साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने गोहाना के गांव से नाबालिग को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म करने व दोषी की मदद करने के मामले में पांच को दोषी करार दिया है। भगाकर दुष्कर्म करने के दोषी को सात वर्ष व उसकी मदद करने वाले चार दोषियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है।
गोहाना के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 13 जुलाई, 2016 को थाना सिटी गोहाना में शिकायत दी थी कि 17 जून, 2017 को उसकी 16 वर्षीय बेटी अचानक गायब हो गई थी। उसने बताया था कि पहले वह अपने स्तर पर तलाश करता रहा। बाद में उसने पुलिस को बताया था कि उसकी बेटी का किसी ने अपहरण कर लिया है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। मामले में जांच के दौरान पुलिस ने पुलिस ने लाडवा से लड़की को बरामद कर लिया था। उसने बताया था कि उसके गांव का ही सन्नी बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। सन्नी ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 17 जुलाई, 2016 को आरोपी सन्नी को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले में बहला-फुसलाकर भगाने व दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी की चार अन्य ने मदद की है। जिस पर पुलिस ने मामले में करनाल के गांव सौकड़ निवासी सुखविंद्र व गुलाब, करनाल के गांव माजरा रूढान निवासी राजन, कुरुक्षेत्र के गांव निवारसी निवासी राकेश उर्फ राजू को भी गिरफ्तार कर लिया था।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने सन्नी को 4 पोक्सो एक्ट में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 365 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 363 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 366 पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 506 में तीन साल कैद व तीन हजार रुपये की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी। वहीं राजन, गुलाब, राकेश व सुखविंद्र को भादसं की धारा 363 का षड्यंत्र रचने में पांच-पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।