अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
नोटबंदी के एक साल बाद भी सर्राफा बाजार की हालत काफी खराब है। नोटबंदी के दौरान लोगों के पास अपने जरूरी काम तक के लिए पैसे नहीं थे। अब लोगों की हालत कुछ सुधरनी शुरू हुई है तो वह उनसे अपने रुके हुए काम निपटाने में लगे हुए हैं। वहीं सरकार आए दिन सर्राफों के लिए नए-नए नियम निकाल देती है और उसका भी असर व्यापार पर पड़ता है। जिस तरह के हालात चल रहे हैं, उससे व्यापार अभी सामान्य होता नहीं दिख रहा है।
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नोटबंदी के बाद से आभूषणों की बिक्री कम हो गई है। पिछले साल की बजाय इस सीजन में आभूषणों के सेल परचेज में काफी अंतर आ गया है। दुकानों पर आभूषणों को खरीदने के लिए ग्राहक भी आने कम हो गए हैं।
सुरेश जैन, स्वर्णकार
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नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजीटल का सपना दिखाकर दुकानों पर स्वाइप मशीन रखने के लिए कहा तो मशीन को रख लिया गया। उस समय स्वाइप मशीन से लेन देन करने पर कोई चार्ज नहीं लगता था, लेकिन अब स्वाइप मशीन से लेनदेन पर चार्ज कट रहा है। इसका भी व्यापार पर काफी असर पड़ रहा है।
भरत जैन, स्वर्णकार
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नोटबंदी के समय व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया था। अब धीरे-धीरे स्थिति सुधर रही है, लेकिन जागरूकता की कमी भी दिख रही है। नकदी से ज्यादा सोना खरीद नहीं सकते हैं, जिसका सभी को पता नहीं है। वहीं किसी के पास चेक नहीं होता है तो उसका भी असर व्यापार पर पड़ता है।
संजय जैन, स्वर्णकार
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नोटबंदी के बाद लोग सोना केवल शादी व अन्य किसी समारोह के लिए खरीद रहे हैं, क्योंकि अब हालात सामान्य होने पर लोग पहले अपनी उन जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, जो परिवार के लिए जरूरी है। जबकि पहले सामान्य तौर पर भी आभूषण खरीद लिए जाते हैं जो अब नहीं होने से व्यापार कम हो रहा है।
गोवर्धन दास जैन, स्वर्णकार