गन्नौर। मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करने के उद्देश्य से एसडीएम सुरेंद्र दून ने वीरवार को मोई माजरी गांव का दौरा किया। इस दौरान उनके संज्ञान में आया कि गांव की पंचायती भूमि को धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध रूप से कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीएम सुरेंद्र दून ने नायब तहसीलदार कंबोज व बीडीपीओ को साथ लेकर मामले की जांच की। इस पर उन्होंने पाया कि भूमि पंचायत की है, जिस पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई है। एसडीएम ने तुरंत प्रभाव से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई करते हुए पंचायती भूमि को कब्जामुक्त कराया।
समिति ने लगाए प्रशासन पर आरोप
जसपाल सेवा समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर पंचायती जमीन पर रोपित किए गए हजारों पौधे उखाड़ने व तिरंगा का अपमान करने का आरोप लगाया। समिति के प्रधान अमित राणा ने बताया कि पंचायती जमीन पर पहले से ही कुछ लोग अवैध कब्जा कर रखा है। कुछ लोग पंचायती जमीन पर बुआई कर रहे हैं व ट्यूबवेल के लिए कमरे भी बना रखे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत व बीडीपीओ उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। समिति ने अवैध कब्जों को रोकने के लिए उत्तरप्रदेश से हजारों रुपये के पौधे मंगवाकर पौधरोपण किया। प्रशासन ने उन कब्जों को हटवाने की बजाय समिति द्वारा रोपे गए पौधों व ईंट के गमले उखड़वा दिए। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायती जमीन पर लगे तिरंगा के लकड़ी पोल को भी उखड़वा दिया गया, जिससे तिरंगा झंडा भी जमीन पर गिर गया। प्रशासन व ग्राम पंचायत की इस संयुक्त कार्रवाई की वजह से तिरंगे झंडे का अपमान हुआ है इससे समिति के सदस्यों में रोष है।
तिरंगा उतरवा कर समिति को सौंपा था: एसडीएम
एसडीएम सुरेंद्र दून ने बताया कि वे मुख्यमंत्री घोषणा के तहत होने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण करने गए थे। इस दौरान शिकायत मिलने पर पंचायती जमीन से कब्जा हटवाया गया है। प्रशासन का काम पौधे लगाने का है उखड़वाने का नहीं। प्रशासन की तरफ से किसी पौधे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। वहीं तिरंगे को भी उतरवाकर वहां मौजूद लोगों को सौंप दिया गया था। समिति द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं।