अमर उजाला ब्यूरो
राई (सोनीपत)।
गांव खुर्मपुर में करीब 300 एकड़ जमीन का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। प्रशासन द्वारा जमीन पर कब्जा कार्रवाई के बाद किसानों की अपील को कमिश्नर ने फिर से स्वीकार कर लिया है और उसमें सुनवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं। कमिश्नर ने माना है कि कई बिंदुओं पर तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष नहीं दिया गया है। कमिश्नर ने डीसी व कलेक्टर को दोनों पक्षों की फिर से सुनवाई करने के साथ ही सभी तथ्य परखने के बाद स्पष्ट आदेश पारित करने को कहा है। इसके लिए दोनों पक्षों को 15 जून को कलेक्टर की कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। साथ ही ग्रामीणों ने जमीन की बोली रोकने के लिए उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन भी दिया है।
प्रशासन ने खड़ी फसल की जुताई कर लिया था कब्जा
गांव खुर्मपुर में 300 एकड़ से अधिक जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। प्रशासन ने पुलिस बल से गेहूं की खड़ी फसल की जुताई कर कब्जा ले लिया था, जबकि ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। ग्रामीणों ने कहा था कि जमीन पर वे आजादी से पहले के काबिज हैं। जमीन का इस्तेमाल 1965 से किसानों के नाम है। उन्होंने कहा था कि उपायुक्त कोर्ट ने किसानों के खिलाफ तथ्यों को देखे बिना ही गलत फैसला दिया है। इस कारण ही किसानों ने डीसी के फैसले के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में अपील की थी, जिस पर कमिश्नर की कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखते हुए उनकी अपील को सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी है। इस तरह जमीन को लेकर डीसी को फिर से सुनवाई करनी होगी और इस बार किसी तथ्य को नजर अंदाज नहीं करना होगा।
इन बिंदुओं को माना अहम
-शामलात देह की परिभाषा में नहीं आती वादभूमि (यमुना तट की जमीन) पर नहीं दिया स्पष्ट निर्देश।
-अपीलकर्ता ने यमुना के तट की भूमि को पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट की धारा 2 (जी) 5(1) के तहत शामलात की परिभाषा से बाहर रखने की बात कही थी। इस पर सुनवाई के दौरान कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया, जबकि यह महत्वपूर्ण बिंदु था।
-वादभूमि पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट, 1961 के किए प्रावधान अनुसार वर्ष 26 जनवरी 1950 से 12 वर्ष पूर्व से अपीलार्थी के कब्जे में है। इस बिंदु पर भी पूर्ण रूप रिकार्ड और तथ्यों के आधार पर उचित निष्कर्ष नहीं दिया गया।
जमीन की बोली नहीं कराने की मांग
किसानों ने उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन देकर इस जमीन की बोली नहीं कराने की मांग की है। पंचायत इस जमीन की 16 जून को बोली कराने की घोषणा कर चुकी है। किसान राजकुमार, अनिल कुमार, मनोज कुमार, जितेंद्र ने कहा कि कमिश्नर ने इस मामले को कलेक्टर की कोर्ट में रिमांड कर दिया है। ऐेसे में इसकी बोली नहीं कराई जानी चाहिए। किसानों का यह भी कहना है कि हाईकोर्ट ने पहले भी स्टे लगाकर इसकी बोली को रुकवाया था और कहा था कि जब तक जमीन पर कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया जाता है, उस समय तक स्टे रहेगा।
वर्जन
खुर्मपुर में जमीन के मामले में कमिश्नर कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के लिए निर्देश दिए हैं। तथ्यों के आधार पर पूरी जांच कराई जाएगी। किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।
-केएम पांडुरंग, उपायुक्त एवं कलेक्टर सोनीपत।