सोनीपत। मुरथल स्थित समर्थ गुरु धाम आश्रम में समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया के सानिध्य में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समारोह में 70 साधकों को नाद दीक्षा प्रदान की गई। दीक्षा लेकर साधकों ने अपने आध्यात्मिक जीवन की एक नई शुरुआत की।
समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ने ध्यान योग, ऊर्जा योग, गायन प्रज्ञा, अभय पद व अजप्पा लिविंग से जुड़े साधकों के साथ मुलाकात की। समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ने साक्षी भाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि आध्यात्म में साक्षी भाव को जान लिया तो फिर और कुछ जानने की आवश्यकता नहीं।
यदि सब कुछ जान लिया और साक्षी भाव को न जाना तो वास्तव में कुछ भी नहीं जाना। समारोह में सहभागिता करने वाले सभी साधकों ने गुरु कृपा से मिले अनुभवों को अत्यंत प्रभावशाली व जीवन परिवर्तनकारी बताया।
उन्होंने बताया कि समर्थ गुरु धाम का उद्देश्य प्रत्येक आत्मा को उसकी मूल चेतना से जोड़ना है। ऐसे आयोजन इसी दिशा में एक सशक्त कदम हैं। आध्यात्मिक समागम में विभिन्न प्रदेशों के साधकों व वरिष्ठ आचार्य की भागीदारी रही।
इनमें केंद्रीय समन्वयक आचार्य दर्शन, दिल्ली से आचार्य सूरज, दसूहा से आचार्य रमन, राकेश खेमानी, बिंदु, साहिबा, नीलम, दुबई से मोनिका, गुरुप्रीत, भोपाल से अवधेश तिवारी, छत्तीसगढ़ से जयराम सिंह, वंदना, पूर्णिमा, वृंदावन से योगा समन्वयक एके सिंह, प्रशासनिक प्रबंधक सुशील शामिल रहे।