सोनीपत। तापमान में बढ़ोतरी से लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे हैं। जिससे दिन के समय लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जिसका असर अब आम जनजीवन पर पड़ने लगा है। गर्मी के कारण किसानों पर आफत बढ़ गई है। गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग के कारण उन्हें दिनभर खेतों में गर्मी के बीच काम करना पड़ रहा है।
यहां रविवार को सुबह से ही सूरज ने आग उगलनी शुरू कर दी थी। जिले का अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी ने भी अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया। गर्मी की अधिकता के चलते दिन के समय शहर व गांवों की गलियां सुनसान नजर आने लगती है। लोगों ने घरों से निकलने में परहेज करना शुरू कर दिया है। दिन के समय मार्केट खाली पड़ी रहती है और दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं कई दुकानदार तो दिन के समय अपनी दुकान बंदकर अपने घर ही चले जाते है। मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में कोई कमी आने के आसार नहीं हैं।
लू के थपेड़ों ने झुलसाया
दिन के समय जिले में चल रही लू ने लोगों की हालत बिगाड़ दी है। लू का प्रकोप इतना अधिक है कि लोग अपने पूरे शरीर को ढककर बाहर निकलने को मजबूर हैं। शाम के समय ही बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखाई देती है। लोग आईसक्रीम पार्लर व शीतल पेय की दुकानों पर ही दिखाई देते हैं।
दिन में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
गर्मी में हालात ऐसे थे कि रविवार दोपहर के समय सड़कों पर काफी कम लोग ही दिखाई दे रहे थे। संड़कों से गुजर रहे दुपहिया वाहन चालक कपड़ों में लिपटे नजर आए। लू के थपेड़ों से पैदल व दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशान हुए। लू उन्हें झुलसा रही थी।
किसानों की भी बढ़ी परेशानी
जिले में गर्मी के कारण किसानों की मुसीबत भी बढ़ गई है। किसानों को गर्मी के बावजूद गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग के काम में लगना पड़ रहा है। दूसरा गर्मी अधिक होने के कारण गेहूं की फसल में भी जगह-जगह आगजनी हो रही है। जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
इस तरह करें गर्मी से बचाव
-अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।
-त्वचा को झुलसने से बचाने के लिए कपड़े का इस्तेमाल करें।
-खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
-चेहरा व सिर कपड़े से ढक कर ही बाहर निकले।
-ग्लूकोज व नींबू पानी का अधिक से अधिक प्रयोग करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो सके।
-खाने में ताजा फल व सलाद का प्रयोग अधिक करें।
-आंखों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए चश्मा पहनकर ही निकलें।