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सेमिनार में किसानों को जागरूक किया, जैविक खेती करने की सलाह

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सेमिनार में किसानों को जागरूक किया, जैविक खेती करने की सलाह
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर/सोनीपत। अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी गन्नौर में एग्री लीडरशिप समिट में दूसरे दिन भी किसानों के लिए कई सेमिनार आयोजित किए गए। जिसमें किसानों को जागरूक किया गया और किसानों को जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाने की सलाह दी गई। हरियाणा किसान एवं कृषि लागत मूल्य आयोग के चेयरमैन डा. रमेश यादव ने कहा कि रसायनों के कारण हमारी मिट्टी, पानी व हवा जहरीली हो चुकी है। अब समय आ गया है कि हम रसायन से जैविक खेती की ओर आगे बढ़ें। कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी अग्रणी किसानों को समूह बनाकर अन्य किसानों को भी साथ जोड़ना होगा। किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए पशुपालन, मछली पालन व सोलर से बिजली उत्पादन करने की प्रणाली को अपनाना होगा।
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सेमिनार में महेंद्रगढ़ जिले के करीरा गांव की रहने वाली शांति ने अपने अनुभव साझा किए, जिसने बताया कि वह पढ़ाई के साथ मशरूम की खेती कर रही हैं और मुनाफा भी कमा रही हैं। वह केवल एक कमरे में मशरूम लगाकर 15 हजार से अधिक कमा रही हैं। शांति कहती हैं कि किसानों को अलग तरह की खेती के लिए जागरूक करने की जरूरत है। सम्मेलन में प्रगतिशील किसान नीलम शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह जर्मनी में नौकरी कर रही थी। लेकिन अब यहां डेयरी शुरू की है। उन्होंने साहिवाल व राठी नस्ल की 120 गायों से डेयरी शुरू की है। इसके अलावा जीरो बजट खेती के लिए गोमूत्र गोबर आटा बेसन व गुड से कीट नियंत्रक भी बना रही है। साथ ही खेत में बायोगैस प्लांट भी लगा हुआ है। एक अन्य प्रगतिशील किसान हरपाल बाजवा ने बताया कि उन्होंने 1995 से मशरुम की खेती शुरू की थी और आज उसका पांच करोड़ रुपए का सालाना टर्न ओवर है। हर रोज ढाई टन मशरुम का उत्पादन हो रहा है।
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