बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ने जांची स्कूल बसें
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों ने शुक्रवार को तीन स्कूलों में जाकर बसों में सुविधाओं की जांच की। इस दौरान बसों में मिली कमियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्वीटी सैनी ने बताया कि टीम द्वारा सबसे पहले लिटिल एंजल्स स्कूल में बसों की जांच की गई। जांच में स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, फर्स्ट एड बाक्स, महिला अटेंडेंट, चालक परिचालक की पुलिस वेरिफिकेशन, बसों पर स्कूल का नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और बसों से शीशों पर जाली सहित सभी जरूरी सुविधाएं पाई गई। यहां बसों पर लगे विज्ञापन को हटाकर सिर्फ स्कूल का नाम और फोन नंबर देने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद होली चाइल्ड स्कूल में निरीक्षण किया गया। जहां स्वयं की कोई भी स्कूल बस नहीं मिली। स्कूल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि बच्चों के लिए परिजनों द्वारा स्वयं के वाहनों का इंतजाम किया जाता है। स्कूल में जो भी कैब आती हैं, उनके चालक-परिचालक को स्कूल में इंट्री पास जारी किया गया है और उन सभी कैब संचालकों को भी जरूरी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीम द्वारा आखिर में जानकीदास पब्लिक स्कूल में बसों की जांच की गई। यहां स्कूल के पास अपनी सिर्फ तीन बसें थीं। उनमें सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, फर्स्ट एड बाक्स, महिला एटेंडेंट और चालकों के लाइसेंस भी सही मिले। यहां एक बस में फर्स्ट एड बॉक्स बदलने के निर्देश दिए गए। वहीं बस पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर दोबारा से लिखवाने को कहा गया। हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्या सुनीता देवी ने बताया कि स्कूल बसों की यह जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही है। इस जांच रिपोर्ट को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को भेजा जाएगा। जांच के दौरान स्कूल बसों में जो कमियां पाई गई हैं इन्हें सुधारने के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस दौरान उनके साथ मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर सचिन भी मौजूद रहे।