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45 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अटकी, 71 विजिटिंग फैकल्टी से चलेगी मुरथल यूनिवर्सिटी

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45 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अटकी, 71 विजिटिंग फैकल्टी से चलेगी मुरथल यूनिवर्सिटी
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मुरथल यूनिवर्सिटी में पांच माह पहले मांगे गए थे 45 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए आवेदन
उनके आवेदन आने के बावजूूद नहीं हो सकी नियुक्ति, अब विजिटिंग फैकल्टी के लिए आवेदन मांगे
386 पदों के मुकाबले केवल 176 का टीचिंग स्टाफ, यूनिवर्सिटी में चल रही काफी कमी


अंकित चौहान
सोनीपत।
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में 45 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति अटक गई है। अब 71 विजिटिंग फैकल्टी के सहारे यूनिवर्सिटी चलेगी। फैकल्टी घंटे के आधार पर नियुक्त होंगे। भुगतान भी घंटे के आधार पर होगा, जुलाई के अंत में साक्षात्कार है। इसके साथ ही सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस तरह विजिटिंग फैकल्टी के सहारे यूनिवर्सिटी में चल रही टीचिंग स्टाफ की कमी का स्थायी समाधान हो सकेगा, क्योंकि यूनिवर्सिटी में टीचिंग स्टाफ के 386 पद हैं, जिनमें से केवल 176 ही कार्यरत हैं। इस तरह यूनिवर्सिटी में आधी भी टीचिंग पोस्ट नहीं भरी है और ऐेसे में बेहतर शिक्षा का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है।

मुरथल यूनिवर्सिटी में टीचिंग स्टाफ के खाली चल रहे 210 पदों को देखते हुए ही पांच महीने पहले 45 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिन कोर्स के लिए आवेदन मांगे गए थे, उनमें एक-एक पद के लिए सैकड़ों आवेदन आए। बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक केवल आवेदन मांगने तक अटकी हुई है और उनकी न लिखित परीक्षा हुई है तो न साक्षात्कार हुआ है। इसका असर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। इसको देखते हुए अब यूनिवर्सिटी में 71 विजिटिंग फैकल्टी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए आवेदन मांगे गए है, जिससे जल्द से जल्द इनकी नियुक्ति की जा सके। इनकी नियुक्ति घंटे के आधार पर होगी और नॉन पीएचडी वाले फैकल्टी को 500 रुपये प्रति घंटा मिलेगा जो महीने में अधिकतर 60 घंटे पढ़ा सकेंगे। वहीं पीएचडी वाले फैकल्टी को 600 रुपये प्रति घंटे के आधार पर वेतन मिलेगा और वह भी अधिकतर 60 घंटे पढ़ाएंगे। यह विजिटिंग फैकल्टी भी केवल 3 महीने के लिए नियुक्त किए जा रहे हैं, क्योंकि यह माना जा रहा है कि इन तीन महीने में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह देखना होगा कि विजिटिंग फैकल्टी के सहारे यूनिवर्सिटी में शिक्षा का स्तर कितना बेहतर हो सकता है।
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इन विभागों में होगी नियुक्ति
विजिटिंग फैकल्टी की नियुक्ति कई विभागों में होगी। इनमें बायोटेक्नॉलॉजी में 10, केमिस्ट्री में 11, सीईईईएस में 3, मैथमेटिक्स में 11, मैनेजमेंट स्टडीज में 3, ह्यूमेनिटीज में 1, केमिकल इंजीनियरिंग में 2, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग में 1, सिविल इंजीनियरिंग में 3, फिजिक्स में 8, ईसीई में 2, आर्कीटेक्चर में 16 की नियुक्ति की जानी है। इनके सहारे ही विभागों में टीचिंग स्टाफ की कमी को पूरा करने की तैयारी है।

नॉन टीचिंग के 224 पद भी खाली
मुरथल यूनिवर्सिटी में केवल टीचिंग स्टाफ के पद ही खाली नहीं चल रहे हैं। बल्कि नॉन टीचिंग के पदों के हालात भी काफी खराब है। नॉन टीचिंग के भी 224 पद इस समय खाली चल रहे हैं और उन पर भर्ती की प्रक्रिया तक नहीं शुरू की जा रही है। यूनिवर्सिटी में नॉन टीचिंग पदों पर आखिरी बार 2012 में भर्ती हुई थी और उस समय 242 पद खाली थे। उस समय 18 पदों पर भर्ती की गई थी और उसके बाद से भर्ती नहीं हो सकी है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन ज्यादा होने के कारण साक्षात्कार की जगह लिखित परीक्षा कराने पर विचार किया जा रहा है, जो जल्द ही होगा। उस समय तक विजिटिंग फैकल्टी की नियुक्ति की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा पर असर न पड़े। यह विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए किया जा रहा है।
केपी सिंह, रजिस्ट्रार मुरथल यूनिवर्सिटी


फोटो 7: दीनबंधु छोटूराम
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