सोनीपत। गर्मी की छुट्टियों में लोग अपने बच्चों के साथ ठंडे इलाकों में घूमने की तैयारी कर रहे है और यही कारण है कि ट्रेनें पहले ही फुल हो गई है। हालात यह है कि 15 जून तक के लिए सोनीपत से किसी भी ट्रेन में सीट नहीं है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की ओर यात्रा करने वालों को अब जुलाई में ही सीट मिल सकेगी।
स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने में अभी एक महीना बाकी है, इससे पहले ही दिल्ली से चलने वाली सभी ट्रेनें फुल हो चुकी है। रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षित कराने के लिए लोगों को लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके बावजूद लंबी वेटिंग मिल रही है।
क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लंबी वेटिंग होने के कारण ट्रेनों में आगामी 15 जून तक सीटें खाली नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए लोग ट्रेनों में सीटें आरक्षित कराने के लिए स्टेशनों पर लाइनों में लग रहे हैं। वेटिंग बहुत लंबी होने के कारण उन्हें ट्रेनों में सीटें तक नहीं मिल रही है।
ट्रेनों में वेटिंग का यह है हाल
कटरा की ओर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस व जम्मू मेल में पांच जुलाई तक 100 से ज्यादा वेटिंग हैं। वहीं श्री शक्ति एक्सप्रेस में जून के अंतिम सप्ताह तक कोई सीट नहीं है। हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाली हिमाचल एक्सप्रेस में भी 50 से ज्यादा वेटिंग है। सरयू यमुना एक्सप्रेस में भी 12 जून तक कोई सीट नहीं है। महाराष्ट्र की ओर जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस में भी सीट खत्म हो चुकी है और वेटिंग लिस्ट भी इतनी लंबी पहुंच गई है कि रेलवे ने उसे दिखाना बंद कर दिया है। इसके अलावा दादर एक्सप्रेस में भी 15 जून तक 100 से ज्यादा वेटिंग है।
ट्रेनों में कोच बढ़ाने की मांग
गर्मी की छुट्टियां पहाड़ी क्षेत्रों में बिताने के लिए लोग स्टेशनों पर सीट आरक्षित कराने को लंबी लाइनों में लग रहे है। ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर लोग रेलवे अफसरों से मिलकर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच बढ़वाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में लंबी वेटिंग को लेकर रेलवे अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी की छुट्टियों में लोग अपने बच्चों के साथ बाहर घूमने का प्लान बनाते हैं, लेकिन ट्रेनों में 15 जून तक सीट तक नहीं है। 15 जून के बाद ही कई ट्रेनों में कंफर्म या आरएसी टिकट मिल सकता है। वेटिंग कम होते ही कई ट्रेनों में आरएसी टिकटें भी कंफर्म हो जाती है।
- रविंद्र मदान, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, रेलवे।