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शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों व ग्रामीणों ने सिवानका गांव के सरकारी स्कूल पर ताला जड़ा

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शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों ने सरकारी स्कूल पर जड़ा ताला
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। शिक्षकों की कमी को पूरा करने की मांग को लेकर गांव सिवानका में ग्रामीणों और छात्रों ने सरकारी स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। छात्रों व ग्रामीणों नेे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का स्वांग रच रही है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी व पुलिस ने ताला खुलवाया।
सोमवार को गांव सिवानका के बच्चों ने अपने-अपने अभिभावकों के साथ मिलकर स्कूल पर ताला लगा दिया। स्कूल मे पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि चार साल से शिक्षकों की कमी बनी हुई है तथा कई माह से प्रिंसिपल का पद खाली है। स्कूली बच्चों ने आरोप लगाया कि कई माह से प्रिंसिपल का पद खाली पड़ा है। जबकि हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत के अध्यापक भी नहीं हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई कैसे हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मांग करने के बाद भी सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
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अपग्रेड करना तो दूर शिक्षक भी पूरे नहीं
अभिभावकों का आरोप है कि तीन साल पहले सरकार ने गांव के स्कूल को अपग्रेड करने का भी आश्वासन दिया था। अब यह स्कूल दसवीं कक्षा तक है। उनका आरोप है कि स्कूल को अपग्रेड करना तो दूर सरकार यहां शिक्षक भी पूरे नहीं लगा पा रही है। ऐसे में बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। यदि सरकार ने जल्दी ही स्टाफ पूरा नहीं किया तो सभी बच्चें सामूहिक रूप से स्कूल छोड़ने पर मजबूर होंगे।
दसवीं कक्षा से आगे नहीं पढ़ पा रही हैं बेटियां
गांव में दसवीं कक्षा तक का स्कूल है। गांव कई ऐसी बेटियां भी हैं जो आगे पढ़ना चाहती थी। लेकिन गांव में स्कूल अपग्रेड न होने के कारण कइयों ने आगे की पढ़ाई बंद कर दी। कई परिवार अपनी बेटियों को गांव से दूर शिक्षा के लिए भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। जिस कारण कई बच्चियों को न चाहते हुए भी आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है।
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खंड शिक्षा अधिकारी मुंडलाना, परमजीत चहल ने कहा कि स्कूल में स्टॉफ की कमी है। जिसे पूरा कराने के लिए सरकार के पास पत्र पहले ही भेजा जा चुका है। इसके लिए वह अपने स्तर पर भी सरकार व विभाग के अधिकारियों से बात करके गांव के स्कूल में स्टाफ पूरा कराने का प्रयास करेंगे। स्कूल को अपग्रेड करने के बारे में सरकार द्वारा फैसला लिया जाना है।
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