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राशन डिपो पर बांटने को आया 50 मीट्रिक टन प्याज सड़ा निकला, लौटाया

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डीएफएससी कार्यालय के गोदाम में पड़ा सड़ा हुआ प्याज - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। राशन डिपो पर बांटने के लिए 50 मीट्रिक टन प्याज भेज दिया गया और उसे डीएफएससी के गोदाम में उतार भी दिया गया। लेकिन जब उस प्याज के कट्टे खोले गए तो उनके अंदर से सड़ा हुआ प्याज निकला। जिससे उस प्याज को डीएफएससी ने वापस लौटा दिया। प्याज के दाम बाजार में काफी ज्यादा होने के कारण लोगों को सस्ता उपलब्ध कराने के लिए इसे यहां भेजा गया था। अफगानिस्तान का यह प्याज सड़ा हुआ होने के कारण बीपीएल व एएवाई कार्ड धारकों को सस्ते दाम पर देने से पहले ही वापस लौटाना पड़ा। डीएफएससी ने साफ कह दिया कि यह सड़ा हुआ व अंकुरित प्याज अब लोगों में नहीं बांट जा सकेगा।
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नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग कोओपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (नैफेड) की ओर से शनिवार को 50 मीट्रिक टन अफगानिस्तान वाला प्याज को खाद्य एवं पूर्ति विभाग में भेजा गया। उस प्याज के कट्टे शनिवार को डीएफएससी के गोदाम में उतार दिए गए, लेकिन उस दिन कर्मचारियों ने उनको कार्यालय की छुट्टी होने के कारण खोलकर नहीं देखा। जिससे सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद डीएफएससी मनीषा मेहरा ने निरीक्षकों संग गोदाम का निरीक्षण किया और वहां पर उन्होंने प्याज के कट्टे खुलवाकर देखे। जहां देखा गया कि वह प्याज सड़ा हुआ है तो वह अंकुरित होना भी शुरू हो गया है। इस पर डीएफएससी ने नैफेड की ओर से भेजे गए उस प्याज को अपने यहां रखने से मना कर दिया और उसे वापस लौटा दिया। यह प्याज मुंबई की बंदरगाह से डीएफएससी कार्यालय के गोदाम में लाया गया था।
50 हजार कार्ड धारकों को 26 रुपये प्रति किलो मिलना था प्याज
जिले में बीपीएल व एएवाई (अंत्योदय अनाज योजना) के करीब 50 हजार कार्ड धारक है। जिनको 26 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज वितरित किया जाना था। गोदाम में जब डीएफएससी पहुंची तो वहां प्याज सड़ा हुआ मिला, उसमें से बदबू तक आ रही थी और कट्टों से पानी तक टपक रहा था। इस पर डीएफएससी मनीषा मेहरा ने तुरंत कार्रवाई हुए अफगानिस्तान से आए सड़े हुए प्याज को लेने से मना कर दिया। इसके बाद डीएफएससी ने नैफेड के अधिकारियों के साथ मुख्यालय पत्र लिखकर प्याज वापस भेजने की बात की।
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नैफेड की ओर से भेजा गया प्याज सड़ चुका है और अंकुरित होने के कारण इस प्याज को लोगों में नहीं बांटा जा सकता है। जिले में लोगों को वितरित करने के लिए 50 हजार मीट्रिक टन भेजा गया था। अब इस प्याज को नैफेड के पास वापस भेजा गया है।
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-मनीषा मेहरा, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक
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