सोनीपत। अनाज मंडियों में इस बार गेहूं व सरसों की बंपर आवक हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4.68 लाख क्विंटल गेहूं ज्यादा पहुंचा है और सरसों 1000 क्विंटल ज्यादा पहुंची है। मंडियों से गेहूं की 60 फीसदी उठान हो सकी है। 40 फीसदी का उठान न होने से किसानों का भुगतान अटका हुआ है। वहीं खरीद एजेंसी की ओर से बुधवार को अंतिम दिन सरसों की सरकारी खरीद की गई।
मंडियों में पिछले साल 69236 क्विंटल सरसों की आवक हुई थी। इस बार 70219 क्विंटल सरसों खरीदी गई है। पिछले साल पूरे सीजन में 3515200 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इसमें से गत वर्ष 30 अप्रैल तक 3341970 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार सीजन में 30 अप्रैल तक 3810800 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अब गेहूं की आवक कम होने के साथ ही उठान ने तेजी पकड़ ली है। अब तक 60 फीसदी गेहूं का उठान कर लिया गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 3810800 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 958530 क्विंटल, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (हैफेड) ने 1786140 क्विंटल, हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने 900450 क्विंटल व भारतीय खाद्य निगम ने 165680 क्विंटल गेहूं की खरीद की है।
किस एजेंसी ने कितना उठान व भुगतान किया
-खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 6.90 लाख क्विंटल गेहूं का उठान किया है। साथ ही किसानों को 1.56 अरब रुपये का भुगतान किया है। 2.68 लाख क्विंटल गेहूं का बाकी है।
- हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (हैफेड) की ओर से 10.15 लाख क्विंटल का उठान किया गया है। किसानों को 2.30 अरब रुपये का भुगतान किया है। 7.70 लाख क्विंटल गेहूं का उठान बाकी है।
- हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन की ओर से 4.46 लाख क्विंटल का उठान किया गया। किसानों को 1.01 अरब रुपये का भुगतान किया है। 4.53 क्विंटल गेहूं का उठान बाकी है।
- भारतीय खाद्य निगम की ओर से 1.37 क्विंटल गेहूं का उठान किया गया। किसानों को 31.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। 27830 क्विंटल गेहूं का उठान बाकी है।
मंडी पिछले साल आवक इस साल आवक
सोनीपत 32100 26155
खरखौदा 4987 14690
गन्नौर 14149 16771
गोहाना 18000 12598
वर्जन
जिले की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद 15 मई तक की जाएगी। सरसों की सरकारी खरीद 2 मई से बंद रहेगी। गेहूं का 60 फीसदी उठान कर लिया गया है। जल्द ही उठान की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।-विंशेल सहरावत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सोनीपत।