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बिजली चोरी करके चला रहे थे ट्रीटमेंट प्लांट, नगर निगम पर 24.5 लाख का जुर्माना

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
सरकारी विभाग ही बिजली चोरी कर किस तरह से सरकार को चूना लगा रहे हैं, इसका उदाहरण यहां सामने आया। बिजली निगम की टीम ने छापेमारी की नगर निगम को चोरी की बिजली से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट चलाते पकड़ा है। इस पर बिजली निगम अधिकारियों ने नगर निगम पर 24.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, लिवासपुर गांव में एक फैक्टरी पर निगम की टीम ने छापा मारकर बिजली चोरी मिलने पर 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, टीम को सात मीटरों में रिमोट सिस्टम लगा मिला। इन पर बिजली चोरी के आरोप में साढ़े तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

महलाना रोड सेक्टर 23 के चौराहे पर नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाया हुआ है, जहां कचरे से खाद बनाया जाता है। यह ट्रीटमेंट प्लांट छह महीने पहले लगाया गया था। उस ट्रीटमेंट प्लांट को चलाने में नगर निगम के अधिकारियों को बड़ी लापरवाही दिखाई और उसके लिए बिजली का कनेक्शन तक नहीं लिया गया। उस ट्रीटमेंट प्लांट को चोरी की बिजली से चला दिया गया और वह लगातार चोरी की बिजली से चलता रहा। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब बिजली निगम की टीम बिजली चोरों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। निगम की टीम जब सेक्टर-23 के चौराहे पर पहुंची तो वहां ट्रीटमेंट प्लांट का केबल डला हुआ देखा। जांच करने पर पता चला कि उसके लिए कोई कनेक्शन नहीं लिया गया है। अधिकारियों ने वहां का केबल कटवा लिया और उसकी पूरी जांच करने के बाद नगर निगम पर 24.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। यह जुर्माना ईओ के नाम पर लगाया गया है और उसका नोटिस भी नगर निगम में भेज दिया गया है। वहीं इस छापेमारी अभियान के दौरान एक बड़ी कार्रवाई लिवासपुर गांव में एक फैक्टरी पर की गई है। जहां कम लोड लेकर ज्यादा चलाया जा रहा था और इस तरह बिजली चोरी मानते हुए फैक्टरी पर 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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रिमोट से चल रहे थे सात मीटर, साढ़े लाख का जुर्माना
शहर में बिजली मीटर में चिप लगवाकर उसे रिमोट से कंट्रोल करने का खेल भी बड़े स्तर पर चल रहा है। यह मामला एक बार पकड़ में आने के बाद बिजली निगम के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। इस कारण ही मीटर संदिग्ध मिलते ही उसे उतारकर जांच के लिए लैब में भेज दिया जाता है। एक्सईएन सिटी जेसी शर्मा ने बताया कि ऐसे ही शहर में अलग-अलग जगहों से मीटर उतारे गए थे, जिनमें से सात मीटर ऐसे मिले हैं, जिनमें चिप लगाकर उनको रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा था। उनको रिमोट से बंद कर दिया जाता था और रिमोट से चला दिया जाता था। इस कारण ही उन मीटर मालिकों पर लगभग 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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एक महीने में 186 बिजली चोर पकड़े, 1.12 करोड़ का जुर्माना
एक्सईएन सिटी जेसी शर्मा ने बताया कि जून महीने में बिजली निगम की टीम ने सबसे ज्यादा चोरों पर शिकंजा कसा है। निगम अधिकारियों व कर्मियों ने दिन व रात में अभियान चलाकर 186 बिजली चोरों को पकड़ा है, जिन पर एक करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना लगातार वसूला जा रहा है और उसके साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। एक्सईएन के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी बिजली चोर को छोड़ा नहीं जाएगा।

बिजली चोरी कर चला रहे थे ट्रीटमेंट प्लांट, नगर निगम पर 24.5 लाख का जुर्माना
बिजली निगम की टीम को निगम के सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा मिला मीटर
लिवासपुर गांव की एक फैक्ट्री पर बिजली चोरी के कारण लगाया गया 23 लाख का जुर्माना
टीम को 7 मीटरों में रिमोट सिस्टम लगा मिला, उनपर 3.5 लाख का जुर्माना लगाया गया
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