सोनीपत। बाढ़ प्रभावित गांवों में खुजली, त्वचा रोग, खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में एक भी मलेरिया व डेंगू का मरीज नहीं मिला है।
सीएचसी बढ़खालसा क्षेत्र के आठ गांवों में लोगों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा त्वचा, नेत्र रोग व सामान्य बुखार के मरीज हैं। रविवार को 395 मरीज मिले। इनमें से 25 बुखार व 5 डायरिया पीड़ित थे। बाढ़ प्रभावित गांवों में कई लोग ब्लड प्रेशर, शुगर और हाईपरटेंशन की बीमारी से ग्रस्त हैं। बाढ़ में फंसकर यह लोग समय से परामर्श और इलाज नहीं ले पाए हैं। इनके चेकअप के लिए आशा, एएनएम, सीएचओ, मेडिकल आफिसर की टीम बनाकर गांवों में भेजी जा रही है। गांवों में जाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानियां वितरित की जा रही हैं।
नहीं मिला मलेरिया और डेंगू
विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों दहिसरा, मनौली, टोंकी, खुर्मपुर, जगदीशपुर, टांडा, जाजल टोंकी व गढ़ मिर्कपुर में कैंप लगाए जा रहे हैं। शिविर के दौरान विभाग की ओर से बुखार पीड़ित के रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इन गांवों में अब तक मलेरिया व डेंगू का कोई केस नहीं मिला है।
बाढ़ प्रभावित आठ गांवों में रोजाना शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में मिलने वाले मरीजों को दवाएं मुहैया कराई जा रही है। सबसे ज्यादा त्वचा रोग, नेत्र रोग व सामान्य बुखार के मरीज मिल रहे हैं। साथ ही मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानियां वितरित की जा रही हैं। -डॉ. अनविता कौशिक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।
फोटो 33. जाजल टोंकी गांव में शिविर के दौरान स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक डॉ. प्यारेलाल मलिक।