सोनीपत। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान देने के लिए पात्र आवेदक किसानों का चयन ड्रॉ के माध्यम से जिला स्तरीय कार्यकारी कमेटी की ओर से किया गया। लघु सचिवालय में बुधवार को जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री की अध्यक्षता में ड्रॉ निकाला गया।
उप कृषि निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन 1916 आवेदन प्राप्त हुए। 21 आवेदनों को डबल होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कृषि निदेशालय से 651 कृषि यंत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। 259 कृषि यंत्रों के लिए आवेदन लक्ष्य के बराबर या कम हैं को बगैर ड्रॉ के तथा 392 का ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया। पांच मशीनों (सुपर सीडर, पैडी स्ट्रा, चोपर, रिवर्सिबल प्लो, क्रॉप रीपर, जीरो सीड ड्रिल) के आवेदन ज्यादा होने से लक्ष्य अनुसार पात्र आवेदकों का चयन जिला स्तरीय कार्यकारी कमेटी ने रेंडमाइजेशन तकनीक से किया। सबसे पहले रेड और येलो जोन से प्राप्त आवेदनों में से कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया।
सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना 2023-24 के तहत कुल दस तरह के कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से हैप्पी सीडर के लिए 8 का लक्ष्य, सुपर एसएमएस के लिए 16, सर्ब मास्टर /रोटरी स्लेशर के लिए 70, बेलिंग मशीन के लिए 52, जीरो टिल मशीन के लिए 74 व स्ट्रा रैक के लिए 39 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। उक्त कृषि यंत्रों के लिए आवेदन लक्ष्य के बराबर या कम हैं इन सभी यंत्रों के चयन का अनुमोदन चयन कमेटी की ओर से किया गया। चयन उपरांत वरिष्ठता सूची अनुसार प्राप्त उम्मीदवार अपने जरूरी दस्तावेज तीन दिन में सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जमा करवाएगे।
सहायक कृषि अभियंता ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति के जिन किसानों ने आवेदन किया था, उन सभी को लक्ष्य से अलग स्वीकार कर लिया गया है। जिले में अनुसूचित जाति के 11 लोगों के कृषि यंत्रों के अनुदान के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों को कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल- अवशेष प्रबंधन के लिए एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, इसके लिए किसान को अपना पंजीकरण कराना होगा व गेहूं बिजाई या गांठ बनवाते समय खेत का जीपीएस फोटो लेना जरूरी है। सत्यापन के दौरान कमेटी को जीपीएस लोकेशन वाला फोटो दिखाना अनिवार्य होगा। इस दौरान कृषि विभाग से डॉ. कुलदीप दहिया, बागवानी अधिकारी राकेश कुमार व एलडीएम मनोज कुमार मौजूद रहे।
फोटो 28. लघु सचिवालय में निकाले गए कृषि यंत्रों के ड्रा के दौरान उपस्थित जिला राजस्व अधिकारी हर