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Sonipat: नंदीशाला में 10 दिन में 37 गोवंशों की मौत, 27 बीमार, सफाई की नहीं व्यवस्था, चारों तरफ फैला कीचड़

Sun, 23 Jul 2023 01:50 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

कुमासपुर नंदीशाला में सफाई की व्यवस्था नहीं दिखती, चारों तरफ कीचड़ फैला है। अधिकतर गोवंश सूखा चारा खाने के लिए मजबूर हैं। 
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नंदीशाला में शेड के नीचे बैठे बीमार गोवंश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में नगर निगम की नंदीशाला में गोवंशों की स्थिति बहुत खराब है। गोशाला के रिकॉर्ड के अनुसार यहां पर 10 दिन में 37 गोवंशों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 बीमार हैं। गोशाला में हर जगह कीचड़ फैला हुआ है। बरसात के इस मौसम में उनको हरा चारा नहीं मिल रहा है। नगर निगम की ओर से एक सप्ताह पहले ही नंदीशाला में रोहतक की एजेंसी को टेंडर आवंटित किया गया है, जो पिछले के मुकाबले प्रति गोवंश 20.30 रुपये कम है।

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कुमासपुर नंदीशाला में गोवंशों के हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते जा रहे हैं। इस नंदीशाला की क्षमता 1500 गाेवंशों को रखे की है, मगर अभी इसमें 1373 गोवंश हैं। इनकी देखरेख के लिए नगर निगम की ओर से पिछले वर्ष टेंडर जारी किया गया था तो प्रति पशु 60.80 रुपये दिए गए थे, मगर इस बार रोहतक के श्री नारायणी सेना चैरिटेबल ट्रस्ट को वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। 13 जुलाई से यह एजेंसी गोवंशों की देखभाल कर रही है। गोवंशों की देखरेख, सफाई व अन्य प्रबंध के लिए नगर निगम एजेंसी को प्रति गोवंश 40.50 रुपये दे रहा है।

गोवंश ज्यादा, चारा पहुंच रहा कम
नगर निगम का दावा है कि नंदीशाला में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बाड़े में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होने की वजह से जगह-जगह बारिश का पानी भरा हुआ है। उसके पास ही गोवंश घूमते रहते हैं। दुधारू गायों को हरा चारा पूरा दिया जा रहा है, लेकिन अन्य गोवंशों को बहुत कम मिल रहा है।

 

उन्हें सूखा चारा डाला जा रहा है, जिससे गायों, बछड़ों व नंदियों को भरपेट चारा नहीं मिल रहा। हालात यह हैं कि अधिकतर गोवंश बीमार पड़े हैं। नगर निगम से लेकर पशुपालन विभाग तक के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। बीमार गाेवंशों को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण वे दम तोड़ रहे हैं।

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रिकॉर्ड के अनुसार किस दिन कितने गोवंश मरे
तिथि           गोवंशों की मौत
13 जुलाई          2
14 जुलाई         5
15 जुलाई         3
16 जुलाई         8
17 जुलाई         8
18 जुलाई         2
19 जुलाई         3
20 जुलाई         3
21 जुलाई         0
22 जुलाई         3

सबसे पहले गायों के लिए हरे व सूखे चारे के स्टॉक की जांच की गई। इस दौरान पाया गया कि नंदीशाला में चारा उचित मात्रा में उपलब्ध है। सीएनजी के माध्यम से मृत पशुओं के संस्कार के लिए बनाए जाने वाले शेड का निरीक्षण किया गया। नंदीशाला की निगरानी के लिए कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं कमी है तो उनको दुरुस्त करा दिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को भी निर्देश दिए गए हैं। -विश्राम मीणा, निगम आयुक्त, सोनीपत।
 

नंदीशाला में गोवंश भूखे मर रहे हैं। एक गोवंश को करीब सवा किलो हरा चारा मिलता है। सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। बारिश के पानी का प्रबंधन नहीं है। हर जगह कीचड़ फैला हुआ है। जिसकी वजह से रोजाना गोवंशों की मौत हो रही है। मुख्यमंत्री को शिकायत देकर नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की शिकायत भेजी जाएगी। इसके लिए आंदोलन करना पड़े तो इससे भी पीछे नहीं हटेंगे। -योगी कर्णनाथ, गोभक्त।

कमजोर गोवंशों की सेहत के लिए चिकित्सक ने हरा चारा नहीं डालने की सलाह दी है। उनको चोकरयुक्त भूसा खिलाया जा रहा है। पुराने ठेकेदार के समय में गोवंश बीमार हुए थे। जिनके इलाज के लिए सरकारी व निजी चिकित्सक रोजाना नंदीशाला आ रहे हैं। जिस पशुबाड़े में पानी भरा है वह काफी नीचे है। उसकी मरम्मत के लिए निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 13 जुलाई को ही नंदीशाला में गोवंशों की देखरेख का काम संभाला है। वहां पर रोजाना सफाई कराई जा रही है। गोवंशों के लिए हरे चारे की व्यवस्था भी कर रखी है। -सोमबीर शर्मा, प्रधान, श्री नारायणी सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट।

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