फोटो : 06: सोनीपत के जाजल टोकी गांव में यमुना में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों सचेत करते अधि
सोनीपत। हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 3 लाख 31 हजार 653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मंगलवार तक पानी सोनीपत पहुंचने से नदी पूरे उफान पर होगी। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा है।
दूसरी तरफ राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को नदी किनारे के करीब 30 गांवों में प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को इस बारे में सचेत किया है। हथिनी कुंड बैराज से युमना नदी में 3 लाख 31 हजार 653 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोनीपत तक उसे पहुंचने में 30 घंटे तक का समय लगेगा। एक साथ इतना पानी छोड़े जाने से जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन ने भी सतर्कता बरतते हुए बाढ़ चौकियों में राहत और बचाव के मजबूत संसाधन उपलब्ध कराए हैं। उपायुक्त सुशील सारवान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर नजर रखें, आसपास के क्षेत्र के निवासियों की जान-माल व पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देें। उपायुक्त सारवान ने बताया कि सतर्कता बरतते हुए यमुना नदी के आसपास के गांवों में इस बारे में मुनादी करवाई जा रही है। कोई भी व्यक्ति यमुना बांध के अंदर उपस्थित न रहे। इस बारे में अधिकारी भी क्षेत्र की जांच-पड़ताल कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम पर पल पल की अपडेट ली जा रही है।
अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गांवों के सरपंचों, नंबरदारों से तालमेल कर स्कूलों, चैपालों अन्य उपयुक्त स्थानों में ग्रामवासियों/पशुधन के ठहराने की व्यवस्था पहले से कर लें। जिसको किसी भी तरह की आपातस्थिति में प्रयोग में लाया जा सके।
फोटो : 06: सोनीपत के जाजल टोकी गांव में यमुना में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों सचेत करते अधि
फोटो : 06: सोनीपत के जाजल टोकी गांव में यमुना में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों सचेत करते अधि
फोटो : 06: सोनीपत के जाजल टोकी गांव में यमुना में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों सचेत करते अधि