फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं से भरे ट्रक वापस भेज रहा एफसीआई, अनाज मंडी भरी पड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। एफसीआई के अधिकारियों की मनमानी के चलते आढ़तियों पर दोहरी मार पड़ रही है। मंडी से गेहूं भरकर जाने वाले ट्रक एफसीआई गोदाम से वापस लौटा दिया जाता है। एफसीआई के अधिकारी गेहूं में गंदगी व नमी बताकर ट्रकों को वापस लौटा रहे है, जिससे आढ़तियों पर दोहरी मार पड़ रही है। उनको ट्रकों का दोगुना किराया देना पड़ रहा है। शहर की अनाज मंडी के आढ़ती जहां भुगतान नहीं होने से परेशान चल रहे है, वहीं दूसरी ओर एफसीआई के अधिकारियों की मनमानी से उनको दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एफसीआई अधिकारी मंडी से अनाज की लिफ्टिंग समय पर नहीं करा रहे है और वहां से अनाज गोदाम पर पहुंचता है तो गेहूं में कमी बताकर वापस लौटाया जा रहा है। इस तरह आढ़तियों से लेकर किसानों और मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है। जहां समय से भुगतान नहीं हो रहा है तो वहीं मंडी में गेहूं के बोरों का ढेर लगता जा रहा है। जिससे वहां गेहूं डालने की जगह तक नहीं बची है।
विज्ञापन

किसान के नाम और मोबाइल नंबर मिलान में परेशानी
प्रदेश सरकार के गेहूं खरीद की प्रक्रिया ऑनलाइन करने से आढ़तियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया में अनाज मंडी में गेहूं लाने वाले किसानों का नाम व मोबाइल नंबर मिलान में समस्या आ रही है। जिस कारण आढ़तियों का पेमेंट रुका हुआ है। आढ़तियों का कहना है इस प्रक्रिया में अगर एक आढ़ती के किसान के नाम व मोबाइल नंबर मिलान में कोई दिक्कत है तो इसकी मार मंडी के सभी आढ़तियों पर पड़ रही है। जिस कारण पिछले 16 दिनों से अभी तक उनका पेमेंट नहीं हुआ है। जबकि प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद का सीजन शुरू होने से पहले ही 72 घंटे में पेमेंट करने का दावा किया था।
गेहूं को साफ कराए बिना ही आढ़ती उन्हें बोरों में भरवाकर गोदाम में पहुंचा रहे है। जिस कारण ऐसे गेहूं को वापस भेज रहे है। गेहूं के साफ नहीं होने के कारण उनमें मिट्टी व अन्य गंदगी ज्यादा आ रही है।
विज्ञापन

-विरेंद्र कुमार, टेक्निकल असिस्टेंट एफसीआई।
ऑनलाइन प्रक्रिया में किसान के नाम व मोबाइल नंबर में मिलान की दिक्कत दूर हो चुकी है। जल्द ही आढ़तियों का पेमेंट आ जाएगा। आढ़तियों का पेमेंट आने से किसानों की परेशानी भी दूर हो जाएगी।
विज्ञापन

-जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें