अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सरकार की ओर से सामूहिक अवकाश पर रोक के बावजूद रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में जिलेभर में 2000 से ज्यादा कर्मी एक साथ छुट्टी पर रहे। सोनीपत, गोहाना, गन्नौर व खरखौदा में सबसे ज्यादा सफाई व्यवस्था चरमराई रही और शहर में एक ही दिन में कूड़े के ढ़ेर लग गए। सामूहिक अवकाश के चलते विभिन्न विभागों के कर्मचारी रोडवेज कर्मियों के धरने पर इकट्ठा हुए और शहर में जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पर सरकार के नाम डीसी विनय सिंह को ज्ञापन सौंपा। सामूहिक अवकाश पर जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफसरों ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज व प्राइवेट 154 बसों को चलाया गया।
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को कई विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। जिनमें बिजली निगम से 650, सफाई कर्मी 690, पब्लिक हेल्थ से 250 कर्मी, शिक्षा विभाग से 140 कर्मी, 100 हुडा कर्मी, 170 वन कर्मी शामिल रहे। इस तरह विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश लेने से कार्यालयों की व्यवस्था बिगड़ गई और कार्यालयों में शुक्रवार को अधिकतर प्रशासनिक कार्य नहीं हो सके। इन सामूहिक अवकाश लेने वाले कर्मियों में अधिकतर बस अड्डे पर रोडवेज के धरने में पहुंचे और वहां से जुलूस में शामिल हुए। यह जुलूस बस अड्डे से शुरू होकर मामा भांजा चौक, गीता भवन चौक, गोहाना रोड आरओबी, ककरोई चौक, महलाना चौक, छोटूराम चौक होते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। जहां उन्होंने डीसी विनय सिंह को सरकार के नाम मांगपत्र सौंपा। वहीं एक साथ सैंकड़ों कर्मचारियों के सड़कों पर उतरने के कारण शहर में जाम लगा गया। जिससे आने-जाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
11वें दिन 11 कर्मी भूख हड़ताल पर रहे
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में विभिन्न विभागों के 11 कर्मचारी 24 घंटे की भूख हड़ताल पर दूसरे दिन भी बैठे। इनमें राजबीर सिंह हुड्डा, अरविंद दलाल, कप्तान सिंह, सतबीर दहिया, संसार सिंह, ओमप्रकाश मलिक, योगेश, शरद, दर्शन सिंह व देवीसिंह शामिल रहे।
शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, कूड़े के ढेर लगे
नगर निगम के 690 सफाई कर्मियों के शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर जाने के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमा गई है। जिससे विभिन्न जगहों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के बाद भी नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में त्यौहार का सीजन होने के कारण ज्यादा समस्या हो रही है। वहीं निगम अधिकारियों को सबसे बड़ा डर यह सता रहा है कि अगर रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में सफाई कर्मी भी हड़ताल पर चले जाते है तो हालात बिगड़ सकते हैं।