चाकुओं से गोदकर हत्या करने के दो दोषियों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
दिल्ली के गांव बांकनेर निवासी महेंद्र ने 12 मई, 2015 को राई थाना में शिकायत दी थी कि उसके पौत्र पुनीत को गांव का विनय उर्फ मोनू, राजबीर उर्फ लाला, अमित उर्फ लोटू व लोकेश उर्फ पांडे घर से बुलाकर लेकर आए थे। वह उसके पौत्र की कार में ही घूमने की बात कहकर घर से निकले थे। बाद में उन्हें पता लगा कि पुनीत को चाकुओं से गोदकर घायल किया गया है। वह घायल अवस्था में राई थाना पुलिस को मुनीरपुर के पास घायल मिला था। उसे राजा हश्चिंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। महेंद्र ने शक जताया था कि चारों ने ही उसके पौत्र की हत्या की है। उसने बताया कि विनय के भाई को दिल्ली पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपियों को शक था कि पुनीत ने विनय के भाई के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। इसी रंजिश में उसके पौत्र की हत्या की गई। मामले में तत्कालीन राई थाना प्रभारी ऋषिकांत ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने राजबीर उर्फ लाला व लोकेश उर्फ पांडे की निशानदेही पर चाकू भी बरामद किए थे।
मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को एएसजे अजय तेवतिया की अदालत ने राजबीर उर्फ लाला व लोकेश उर्फ पांडे को दोषी करार दिया है। उन्हें उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया गया। दो अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।