अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। लगता है प्राइवेट स्कूल के बच्चों को ठंड नहीं लगती। ठंड की कपकपी के बीच बच्चों को स्कूल जाते देखकर तो ऐसा ही लगता है। शिक्षा विभाग के आदेशों की पालना कर जिलेभर के सभी सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। अगर प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो ज्यादातर स्कूल पहले ही तरफ खोले गए हैं। ऐसा लगता है कि सरकारी स्कूल में पढने वाले बच्चों को ही सबसे अधिक ठंड लगती है। कई प्राइवेट स्कूल शीतकालीन अवकाश न कर सरकार व शिक्षा विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी आंखे मूंदे बैठे हैं। इस दोगली नीति से छात्रों में भी मायूसी है, लेकिन वो मजबूर हैं। कई अभिभावक कहते मिले कि शिक्षा विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान देकर सभी स्कूलों की छुट्टी कराए। जिससे निजी स्कूल के विद्यार्थियों को भी ठंड में राहत मिल सके।
सर्दियों को लेकर शिक्षा विभाग ने 25 दिसंबर से 8 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इसके तहत सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों में अवकाश रखने के आदेश दिए गए हैं। आदेश मिलने के बाद जिले में केवल सभी सरकारी स्कूल ही आदेशों की पालना कर रहे हैं जबकि कई निजी स्कूल संचालक तो सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अमर उजाला की टीम जब इसका जायजा लेने निकली तो पूरा मामला सामने आ गया। साफ दिखा कि कई प्राइवेट स्कूल संचालक आदेशों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। जिले के कई प्राइवेट स्कूल पहले ही तरह ही चल रहे हैं। जिले के दर्जनों प्राइवेट स्कूल इन आदेशों का मखौल उड़ाते नजर आए। स्कूलों में छुट्टी नहीं होने से छोटे छात्रों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए सुबह साढ़े छह से सात बजे से ही तैयार होना शुरू कर देते हैं। कपकपाती ठंड में साइकिल, रिक्शा, बस, आटो से स्कूल तक पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी हालात काफी असहनीय हो जाती है।
अभिभाभवक बोले सभी के लिए समान हो नियम
सुबह अपने बच्चों को छोडने के लिए पहुंचे अभिभावकों का भी कहना था कि सभी के लिए नियम एक समान होने चाहिए। अभिभावक राजेश, सुनील, महेश ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई होना अच्छी बात है। लेकिन जब सभी स्कूलों में छुट्टी की गई है तो प्राइवेट स्कूलों को भी इनकी पालना करनी चाहिए। जब साथी बच्चे घर होते तो उनके बच्चे स्कूल जाने में थोड़ा मानसिक रूप से बोझ मानते हैं। रही बात पढ़ाई की पूरे साल में जो स्कूल नहीं पढ़ा पाते वो 15 दिन में क्या करा लेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान देकर सभी स्कूलों में एक ही तरह के आदेश लागू कराएं।
अंकल हमारी भी छुट्टी होगी क्या
जब अमर उजाला संवाददाता देवडू रोड पर बस का इंतजार कर रहे तीन बच्चों के पास जाकर उनकी फोटो लेने लगा तो उनमें से एक ने कहा कि अंकल उनकी फोटो क्यों ले रहे हो। जब उन्हें बताया गया कि बेटा आपका स्कूल आदेशों के बावजूद भी खुला हुआ है। इसे लेकर आपकी फोटो ली जा रही हैै। इस पर बरबस ही बच्चे के मुंह से निकल गया कि अंकल अब हमारी भी छुट्टी हो जाएगी क्या।
ये स्कूल मिले खुले
सोनीपत शहर में गोल्डन पेटल स्कूल, ऋषिकुल विद्यापीठ, साउथ प्वाइंट स्कूल, सरस्वती स्कूल, जेपी जैन स्कूल, मामचंद पब्लिक स्कूल, एसडी माडर्न स्कूल, टीकाराम माडर्न स्कूल, सेंट सोफिया स्कूल, मलिकपुर में मोहन माडर्न स्कूल, हिंदू ग्रीन स्कूल, ताजपुर स्थित सरस्वती स्कूल, गन्नौर में आर्य समाज स्कूल व गोहाना का जेकेआर स्कूल खुले थे। हालांकि गोहाना के एमआर स्कूल में सुबह बच्चे पहुंचे थे, लेकिन वहां छुट्टी का नोटिस चस्पा मिला।
वर्जन
शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश है कि अगर कोई भी स्कूल खुला मिले तो नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाए। इन छुट्टियों में किसी को भी स्कूल खोलने की इजाजत नहीं है, चाहे वह सरकारी है या प्राइवेट। उसके बावजूद कोई नियमों की अवहेलना कर रहा है तो उसे नोटिस दिया जाएगा। उसकी एनओसी रद हो सकती है। इसे लेकर अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
सुमनलता, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।