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गन्ने के वजन में कटौती पर बिफरे किसान, चीनी मिल में किया प्रदर्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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गोहाना।
क्षेत्र के किसानों ने शुक्रवार को आहुलाना स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल द्वारा गन्ने के वजन में कटौती करने पर जमकर बवाल काटा। किसानों ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन द्वारा अपनी कमी को छुपाने के लिए किसानों के गन्ने में कटौती की जा रही है। किसानों ने मिल में प्रदर्शन कर मिल में तोल करने वाले कांटे को बंद करा दिया तथा कटौती बंद न करने पर मिल में गन्ना डालने से मना कर दिया।
इस दौरान किसानों ने मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मिल द्वारा किसानों को जान बुझकर परेशान किया जा रहा है। अब चीनी मिल ने किसानों द्वारा मिल में लाए जाने वाले गन्ने के वजन में कटौती शुरू कर दी है। जिससे उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उनका आरोप है कि मिल प्रबंधन की अपनी कमी के कारण बार-बार मिल बंद हो रहा है तथा उसमें तकनीकी खराबी आ रही है। जिससे चीनी की रिकवरी प्रभावित हो रही है। उसकी कमी को पूरा करने के लिए मिल द्वारा गन्ने के तोल में कटौती की जा रही है।
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किसानों ने इस बारे में मिल की एमडी सुभीता ढ़ाका से भी बात की तथा समस्या का समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बार-बार तकनीकी खराबी आने से पेराई का काम भी प्रभावित होता है तथा किसानों को अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। इस पर एमडी ने कहा कि मिल में खराबी आना स्वाभाविक है। मिल को लगातार चलाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक कटौती की बात है किसान अपने गन्ने की सही ढंग से सफाई करके नहीं ला रहे हैं। जिस कारण उसमें कचरा ज्यादा निकल रहा है। इसलिए कटौती करनी पड़ती है। जो किसान पूरी तरह साफ करके गन्ना लेकर आ रहे हैं। उनकी कटौती नहीं हो रही है। इस मौके पर सत्यवान नरवाल, कृष्ण मलिक, राजबीर, नरेश, संदीप, महेंद्र, रामकरण, महावीर, भीम सिंह आदि किसान मौजूद थे।
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करोड़ों खर्च करने पर फिर बार-बार क्यों हो रहा मिल बंद
किसानों ने मिल प्रशासन पर मिल की मरम्मत के नाम पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है। किसानों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि मिल में बार-बार खराबी आने से चीनी की रिकवरी कम हो रही है। जिसका बोझ किसानों पर डाला जा रहा है। मिल बंद होने से गन्ना लेकर आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब तक उनकी समस्या का हल नहीं होगा वो अपना गन्ना मिल को नहीं देंगे।
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