फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजदूरों ने खुले में शौच किया तो फैक्ट्री मालिकों पर लगेगा जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। किसी फैक्ट्री के मजदूरों ने खुले में शौच किया और उसकी शिकायत अधिकारियों के पास पहुंच गई तो उस फैक्ट्री के मजदूरों के साथ-साथ मालिक पर भी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। इस तरह ही किसी खाली प्लाट में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले भी खुले में शौच करते है तो प्लाट मालिक को जुर्माना भरना पड़ सकता है। इस तरह प्रदेश को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करने के लिए शासन की ओर से कार्रवाई के लिए गाइडलाइन जारी की गई है और उसमें मजदूरों के साथ ही फैक्ट्री व प्लाट मालिकों पर शिकंजा कसा गया है। इनके अलावा विद्यालयों पर भी कर्मचारियों की नजर रहेगी और विद्यालयों में शौचालयों का प्रयोग नहीं होता मिला तो वहां भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। हालांकि विद्यार्थियों से यह भी अपील की गई है कि वह खुद शौचालय का इस्तेमाल करने के साथ ही लोगों को इसके लिए जागरूक करें।
विज्ञापन

प्रशासन ने कई विभागों के अधिकारियों को शहर व गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए लगाया हुआ है। इसके लिए अधिकारियों ने सुबह दौरा भी किया और लोगों को जागरूक किया। इसके बावजूद स्थिति ज्यादा बदलती नहीं दिख रही है और जिला पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त नहीं हो रहा है। इसके कई कारण सामने आ रहे है, जिनमें फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों का खुले में शौच करने के अलावा प्लाटों में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वालों के लिए भी शौचालय नहीं होना शामिल है। इनको देखते हुए ही शासन से कार्रवाई के लिए जारी की गाइडलाइन के तहत काम करने की योजना तैयार की गई है। उसके तहत फैक्ट्रियों के मालिकों को साफ तौर पर कहा जाएगा कि अगर उनके यहां काम करने वाले मजदूर खुले में शौच के लिए जाते है तो मजदूर पर जुर्माना लगाने के साथ ही फैक्ट्री मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह ही जिन लोगों ने अपने खाली प्लाट में झुग्गी या झोपड़ी डलवाई हुई है और वहां शौचालय नहीं होने के कारण उन झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग खुले में शौच के लिए जाते है तो प्लाट मालिक पर भी कार्रवाई होगी। इसलिए प्लाट मालिकों को साफ कहा जाएगा कि वह अपने प्लाट में शौचालय जरूर बनवाए। विद्यालयों में विद्यार्थियों से अपील की जाएगी कि वह शौचालयों का इस्तेमाल करें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। इनके अलावा भी व्यापारिक संस्थान चलाने वालों से आह्वान किया गया है कि वह अपने यहां दो डस्टबिन रखें, जिनमें एक में तरल और दूसरे में सूखा कचरा डाले। कचरे को नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में ही डाला जाए और उसे किसी अन्य जगह पर न डाले। इसके साथ ही ऐसे मामले सामने आए है, जिनमें लावारिस पशुओं को चारा सड़क पर ही डाल दिया जाता है। चारे के चक्कर में लावारिस पशु एकत्रित होते है और हादसों का कारण बनते है। लोगों से आह्वान किया गया कि चारा गोशाला में ही दें।

जिले को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करने के लिए सख्ती की जा रही है। इसके लिए फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के खुले में शौच करने की शिकायत मिलती है तो उसके लिए फैक्ट्री मालिक भी जिम्मेदार होंगे। इनके अलावा भी जिन जगहों पर खुले में शौच करने की जानकारी मिल रही है, वहां निरीक्षण करके कार्रवाई करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनएस धनखड़, डीडीपीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें