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बस में लटककर कालेज पहुंचने को मजबूर हैं छात्राएं

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अमर उजाला ब्यूरो
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गोहाना। भक्त फूलसिंह महिला विवि की छात्राएं बसों की कमी के चलते अपनी जान हथेली पर रखकर यात्रा करने को मजबूर हैं। कई बार तो छात्राएं खिड़की के अलावा बाहर लटककर गोहाना तक पहुंचती हैं।
खानपुर कलां में भक्त फूलसिंह महिला विवि में हजारों छात्राएं पढ़ती हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज होनेे के कारण यहां रोजाना हजारों रोगी गोहाना और अन्य क्षेत्रों से इलाज के लिए आते हैं। स्कूल और कॉलेज के समय सुबह और शाम को छात्राओं के साथ-साथ रोगियों को भी परेशानी होती है। रोजाना स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं का कहना है कि बसों में इतनी ज्यादा भीड़ होती है कि उन्हें सीट न मिलने के कारण खिड़कियों पर लटककर जाना पड़ता है।
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छात्रा अंजलि, सुनीता, पिंकी, प्रियंका, सोनिया, अनीता आदि ने बताया कि सबसे ज्यादा उन छात्राओं को दिक्कत हो रही है, जो दूरदराज से आती है। छुट्टी के समय सभी छात्राएं समय पर अपने घर पहुंचने का प्रयास करती हैं। यदि वे देरी से पहुंचती हैं तो घर के लोग परेशान होते हैं।
निजी वाहनों में पास के कारण नहीं आती
सभी छात्राओं के पास बने हुए हैं। इस कारण वे राज्य परिवहन की बसों में ही सफर करती हैं। निजी वाहनों में भारी भीड़ होती है और निजी वाहन चालक कहीं भी रोक कर सवारी लेने लग जाते हैं। इस कारण उन्हें घर पहुंचने में ज्यादा देरी होती है। इसके अलावा निजी वाहन चालक भी सरकारी बसे से ज्यादा सवारियां भरकर चलते हैं।
टाइमिंग की भी है दिक्कत
परिवहन विभाग ने जो बसें खानपुर कलां के लिए लगाई हैं। उनकी टाइमिंग सहीं नहीं है। बीपीएस मेडिकल कॉलेज और महिला विवि में जाने वाले वे कर्मचारी भी परेशान हैं, जो ठेका आधार पर नौकरी करते हैं। उन्हें सात बजे अपनी ड्यूटी पर पहुंचना होता है। ऐसे में उन्हें या तो अपने वाहन लेकर जाना पड़ता है या फिर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
निर्धारित सीटों से ज्यादा सवारी लेने का नहीं है प्रावधान
राज्य परिवहन के नियमानुसार बस में निर्धारित 52 सीटों से ज्यादा सवारी नहीं बैठाई जा सकतीं। जबकि, बसों में पायदान के अलावा सवारियां बस की छत पर भी बैठकर जाती हैं। इससे हमेशा अनहोनीे की आशंका बनी रहती है। यह चालक और परिचालक की जिम्मेदारी होती है कि बस में निर्धारित सीटों से ज्यादा सवारी न बैठाएं। यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसके लिए दोनों की जवाबदेही बनती है।
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एक बस रोजाना 12 चक्कर लगाती है
गोहाना से खानपुर कलां एक बस दिन में 12 चक्कर लगाती है। यह बस छह चक्कर सुबह तो छह चक्कर दोपहर बाद लगाती है। इसके अलावा आठ बसें रोहतक, पानीपत, मतलौड़ा, सोनीपत, राणा खेड़ी और जुलाना आदि रूटों से आते हुए खानुपर कलां पहुंचती हैं। बसों की कोई कमी नहीं है। पायदान में सफर करने वाली छात्राएं बस से उतारने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाती हैं।
अशोक खोखर, बस अड्डा इंचार्ज गोहाना।
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