अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
जिले की सीमा से गुजर रहा 30 किलोमीटर लंबा जीटी रोड अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) की नजरों में रहेगा। इसके लिए कंट्रोल रूम में स्क्रीन लगाई गई है। इस पर गूगल के माध्यम से लगातार हाईवे की स्थिति नजर आएगी। गुगल एप से पता लग जाएगा कि हाईवे पर वाहनों के आवागमन की स्थिति क्या है। इसके लिए स्क्रीन पर दिख रहे हाईवे की लाइन अलग-अलग रंग से पूरी जानकारी देती रहेंगी। जाम लगने पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नेशनल हाईवे पर जाम लगने पर वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ जाती है। जीटी रोड से प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में जीटी रोड पर थोड़ी सी लापरवाही से ही जाम लग जाता है और उसमें वाहन चालक लंबे समय तक फंस जाते हैं। हाईवे पर सुगम आवागमन के लिए बहालगढ़, मुरथल और गन्नौर में तीन फ्लाईओवर बनाए गए हैं। इसके बावजूद वाहन चालकों की जल्दबाजी, ट्रैफिक और थाना पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चलते हाईवे पर अक्सर जाम लग लग जाता है। ऐसे में पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए पुलिस अधीक्षक ने एक और पहल की है। इसके तहत पुलिस अधीक्षक ने कंट्रोल रूम में स्क्रीन लगाकर उसे गूगल से जोड़ दिया है। इसके बाद हाईवे पर जाम लगते ही पुलिस अधीक्षक को इसका पता लग जाएगा। अब स्थानीय थाना और ट्रैफिक प्रभारियों को जाम लगते ही उससे निपटने का प्रयास करना होगा। इसमें लापरवाही दिखाई देने पर एसपी संबंधित लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हाईवे की लाइन देंगी जानकारी
हाईवे को गुगल एप से जोड़ने के बाद एलईडी स्क्रीन पर उसकी जानकारी उपलब्ध होगी। पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय से हाईवे की स्थिति को देख सकेंगे। इनमें तीन रंग की लाइन से हाईवे की जानकारी मिलेगी। हाईवे पर मार्ग सुगम रहने के दौरान लाइन का रंग नीला रहेगा। यातायात स्लो होते ही यह लाइन पीली हो जाएगी। जाम लगने पर लाइन का रंग लाल हो जाएगा।
संबंधित थाना प्रभारियों को दी गई हिदायत
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तरफ से हाईवे क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को हिदायत दी गई है। मार्ग पर जाम लगने की स्थिति में थाना प्रभारी को इसका स्पष्टीकरण देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। ऐसे में उन्हें अब हाईवे पर विशेष निगरानी रखनी होगी।
हाईवे पर जाम से क्षेत्र ही नहीं, दूसरे जिलों और प्रदेशों के यात्री भी प्रभावित होते हैं। हाईवे को यातायात के लिए सबसे सुगम माना जाता है। ऐसे में इसे पूरी तरह सुगम बनाने और वाहन चालक की आसानी के लिए यह प्रयास किया गया है। मेरी निगरानी में रहने के कारण थाना प्रभारी और ट्रैफिक कर्मी किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं कर सकेंगे।
अश्विन शेणवी, पुलिस अधीक्षक सोनीपत।