अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
अपनी ही जमीन पर प्लाट लेने के लिए पिछले कई सालों से लड़ रहे तीन गांवों के किसानों को अब 10 साल बाद प्लाट मिले हैं। राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई में प्लाट देने के लिए वीरवार को हुडा कार्यालय में ड्रॉ निकाले गए और किसानों को प्लाट अलॉट कर दिए गए। उनको प्लाट के लिए लेटर बाद में दिया जाएगा, जिसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए हुडा ने सेक्टर 65-68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढख़ालसा की 2514 एकड़ जमीन का 2007 में अधिग्रहण किया था। उसके बाद नियम के अनुसार तीनों गांवों के 1200 से ज्यादा लोगों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट लेने के लिए आवेदन किया। उनको आवेदन किए हुए कई साल बीत गए तो उसके बावजूद किसी को प्लाट नहीं दिया गया। इस कारण ही इन गांवों के 11 लोगों ने 2015 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिसमें कहा गया था कि पहले 75 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण होने पर ही ओस्टेज कोटे में प्लाट दिया जाता था। लेकिन जमीन अधिग्रहण से पहले नियम में बदलाव किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहण होने वाले लोगों को भी पात्र मानते हुए ओस्टेज कोटे से प्लाट दिए जा सकते थे। इस नियम के कारण ही आवेदन करने वाले सभी पात्रों की सूची में शामिल हो गए थे। उस समय से किसान प्लाट देने की अधिकारियों से मांग कर रहे थे और इसके लिए वीरवार को हुडा कार्यालय में ड्रॉ निकाला गया। इसके लिए हुडा की प्रशासक सुनीता वर्मा, हुडा के एस्टेट ऑफिसर विकास ढांडा आदि सभी मौजूद रहे और ड्रॉ निकालकर किसानों को प्लाट अलॉट कर दिए गए।
10 साल बाद मिले किसानों को प्लाट
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में प्लाट देने के लिए हुडा कार्यालय में निकाला गया ड्रॉ