सोनीपत। कृषि विभाग ने फसल अवशेष को जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आगजनी करने वाले किसानों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। अब उन्हें प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ जैसे कृषि यंत्र और बीज-खाद पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है। इसे लेकर कृषि मेले भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद खरीफ सीजन में कई जगह फसल अवशेष जलाने की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में विभाग ने अब सख्त कदम उठाते हुए ऐसे किसानों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। फसल अवशेष को जलाने वाले 28 किसानों पर विभाग ने 72500 रुपये जुर्माना लगाया है। इनमें से छह किसानों पर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। वहीं अब इन किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से बाहर किया गया है। कृषि विभाग की टीमों के साथ-साथ सेटेलाइट से भी फसल अवशेषों में आग लगाने की घटना पर नजर रखी जा रही है। सेटेलाइट के माध्यम से हर रोज घटनाओं की लोकेशन विभाग के पास पहुंच रही है। हालांकि सोमवार को सोनीपत से आगजनी की कोई लोकेशन विभाग के पास नहीं पहुंची। वहीं रविवार को मिली आठ लोकेशन में से भी एक ही स्थान पर फसल अवशेष जलते मिले हैं।
इन किसानों पर लग चुका है जुर्माना
पट्टी ब्राह्मणान के सतबीर, बुटाना कुंडू के सुनील व ईश्वर, झुंडपुर के राजपाल, अटेरना के राजकुमार, आहुलाना के रतन सिंह, ग्यासपुर के राजेश व रामजीलाल, जैनपुर के मनोज, प्रीतम व सुनील, भठगांव की बबीता, पिपली खेड़ा का कुलदीप, मलिकपुर का पवन, मंगलाराम व अमरीश, बरोदा का आशीष व धर्मपाल, पुरखास का राकेश, भैंसवाल कलां का ओमप्रकाश, बाय का राजपाल, राठधना का कुलदीप, आहुलाना का सतबीर, गढ़ी उजाले खां का सोमी व जसबीर, जाखौली का अतुल, उमेद गढ़ का अनुज पाल व गढ़ी केसरी का सुलेख चंद त्यागी शामिल हैं। इन किसानों को ही ब्लैक लिस्ट में डाला गया है।
किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वह फसल अवशेषों में आग न लगाए। जिन किसानों ने आग लगाई है उनके नाम सार्वजनिक करके कृषि योजनाओं को लेकर उन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है। ऐसे में किसानों को अब योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत