फोटो 19: सोनीपत रेलवे स्टेशन पहुंचे यूरिया खाद के बैग। संवाद
सोनीपत। रबी सीजन की फसलों की बुआई करने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह 2600 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया पहुंची। अधिकारियों के अनुसार 48 घंटे के भीतर इसको 400 से अधिक अधिकृत विक्रेताओं को वितरित किया जाएगा। किसान मौजूदा समय में गेहूं की पहली सिंचाई कर रहे हैं। सिंचाई के तुरंत बाद यूरिया की आवश्यकता बढ़ जाती है। इसके चलते दिसंबर में मांग सर्वाधिक रहती है। मांग को पूरी करने के लिए कृषि विभाग ने समय रहते अतिरिक्त स्टॉक की मांग भेजी थी।
रबी सीजन में 69 हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता
सोनीपत जिले में रबी सीजन के दौरान करीब दो लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इसमें अकेले गेहूं का रकबा लगभग 1.45 लाख हेक्टेयर रहता है। इसके अलावा किसान चना, बरसीम, मटर, जौ और सरसों की भी बुवाई करते हैं। रबी सीजन में यूरिया की मांग करीब 69 हजार एमटी तक पहुंचत जाती है। वर्तमान में 45 हजार एमटी से अधिक यूरिया पहुंच चुकी है।
पंजीकृत किसानों को मिलेगा खाद
खाद वितरण प्रणाली में सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब केवल वह किसान ही यूरिया प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराया है। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद किसान प्रति एकड़ निर्धारित मात्रा में खाद खरीद सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी किसान को खाद उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
-किसानों को किसी भी स्थिति में खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। जिला मुख्यालय की तरफ से भेजी गई पूरी मांग मंजूर हो चुकी है। मंगलवार को पहुंचे रैक से किसानों की जरूरतें समय पर पूरी होंगी। किसानों से अपील है कि आवश्यकता से अधिक खाद न खरीदें, जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक सोनीपत