सोनीपत। आठ माह से बंद ईंट भट्ठों की चिमनियों से एक मार्च से धुआं निकलना शुरू हो जाएगा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद 1 मार्च से लाइसेंस का नवीनीकरण करा चुके 244 भट्ठों को चार माह के लिए संचालित किया जाएगा। भट्ठे लंबे समय से बंद होने के कारण ईंटों के दाम आसमान छू रहे हैं। अब इनके चलने के बाद ईंटों के दामों में कमी आ सकेगी। इसके बाद लोगों के लिए अपना आशियाना बनाना आसान हो जाएगा।
जिले में 244 ईंट भट्ठे हैं। जहां से एनसीआर क्षेत्र में और दिल्ली में ईंटों की आपूर्ति होती है। एनजीटी के आदेश के बाद अब 1 मार्च से 30 जून तक भट्ठों का संचालन किया जाएगा। जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वहीं संचालित होंगे। बिना एनओसी वालों को सीज कर जुर्माना लगाया जाएगा। 30 जून के बाद बारिश का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में मौसम को देखते हुए ईंट-भट्ठा संचालक अपने भट्ठों को बंद करना ही उचित मानते हैं।
भट्ठों का संचालन शुरू होने से संचालक नई ईंटों को पका सकेंगे। इसके बाद ईंटों की किल्लत दूर होगी और दामों में कमी आएगी। जिले में अधिकतर भट्ठों पर ईंट खत्म हो चुकी है। इसकी वजह से ईंट के दाम में 500 से 800 रुपये तक बढ़ोतरी चल रही है। वर्तमान में प्रति 1000 ईंटों के दाम 7400 से 7500 रुपये तक चल रहे हैं। यह भाव माल भाड़ा से अलग है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक मार्च से शुरू होने वाले ईंट भट्ठों से महंगाई पर कुछ हद तक अंकुश लग सकेगा।
ईंटों के दाम-
ईंट- दाम
अव्वल ईंट- 7400-7500
दोयम ईंट- 6600-6800
चटका ईंट- 6400-6600
नोट: ईंटों के दाम भट्ठा एसोसिएशन के अनुसार है।
वर्जन
जिले में 244 ईंट भट्ठे 1 मार्च से शुरू हो जाएंगे। ईंटों का उत्पादन शुरू होने के बाद निर्माण कार्य में और तेजी आएगी। 30 जून तक ईंटों को पकाने का काम किया जाएगा। वर्तमान में अधिकतर भट्ठों पर ईंटों का टोटा बना हुआ है।-चांद सिंह पहलवान, उप प्रधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ईंट एवं टाइल निर्माता संगठन
वर्जन
एनजीटी के आदेश के चलते 1 मार्च से ईंटों भट्ठों का संचालन शुरू हो जाएगा। जिन संचालकों ने लाइसेंस का नवीनीकरण करवा लिया है। वही ईंट भट्ठे चला सकेंगे।- विंशेल सहरावत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सोनीपत
फोटो 02. सोनीपत के गांव रोहट के पास स्थित ईंट भट्ठा। संवाद