बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में धरने के दौरान पढ़ाई करती एमबीबीएस की छात्राएं।
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हरियाणा के सोनीपत के गोहाना में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठी भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने परीक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है। महिला मेडिकल कॉलेज की करीब 240 छात्राओं ने परीक्षा देने के लिए इस बार आवेदन नहीं किए हैं। परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 नवंबर थी, जबकि 26 दिसंबर से छात्राओं की परीक्षा आयोजित की जानी है।
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं धरना-प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान उनकी आला अधिकारियों से लेकर सरकार से भी बातचीत हुई है, लेकिन अभी तक मांगों पर सहमति नहीं बनी है।
ऐसे में एमबीबीएस की 240 छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार करते हुए आवेदन नहीं किए है। हालांकि छात्राएं हड़ताल के दौरान पढ़ती हुई नजर आती हैं। छात्राओं का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों को जल्द मान लेना चाहिए ताकि किसी को भी कोई परेशानी न हो।
विद्यार्थियों को मिल रहा लोगों का समर्थन
एमबीबीएस के विद्यार्थियों का कहना है कि कई छात्र संगठन, भारतीय किसान यूनियन सहित कई संगठन उनकी हड़ताल में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। सरकार करीब एक महीने से विद्यार्थियों की मांगों को अनदेखा कर रही है, लेकिन अब विद्यार्थियों के समर्थन में जगह-जगह से आवाज बुलंद हो रही है। यदि सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचती है तो इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं। ऐसे में एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने मांग की है कि सरकार जल्द बॉन्ड पॉलिसी को वापस ले।
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में 240 छात्राओं ने परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया है। मुख्यालय से जैसी गाइडलाइन मिलती है, उसी के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी।
-डॉ. राजीव महेंद्रू, निदेशक, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां