एशियन महिला कुश्ती में पदक जीतकर लौटने पर निकाला जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मंगोलिया के उलनबटोर में 21 से 24 मार्च तक एशियन अंडर-23 महिला कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। जहां गीतांजलि सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़वासनी स्थित कुश्ती एकेडमी की दो पहलवानों ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं रीना ने रजत पदक हासिल किया। मंगलवार को शहर में विजय जुलूस निकालकर पदक विजेता पहलवानों का स्वागत किया गया। विजय जुलूस महाराणा प्रताप चौक से बड़वासनी तक निकाला गया।
अकादमी के कोच रणधीर सिंह ने बताया कि एशियन अंडर-23 महिला कुश्ती चैंपियनशिप में 65 किलो भार वर्ग में टीना व 72 किलो भार वर्ग में नैना ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं 53 किलो भार वर्ग में रीना ने रजत पदक प्राप्त किया। मीनाक्षी 57 किलो भार वर्ग में तकनीकी कारणों से मुकाबला लड़ नहीं पाईं। ये चारों पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी जलवा दिखा चुकी हैं। गांव मदीना निवासी टीना ने वर्ष 2017 में बैंकाक में हुई एशियन कैडेट महिला चैंपियनशिप में भी देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया था। टीना की सफलता से गांव मदीना में भी खुशी की लहर है। उसके पिता सत्यवान ने भी प्रसन्नता जताई है। नैना मूल रूप से पानीपत के गांव सुताना व रीना रोहतक के सिंहपुरा की रहने वाली हैं। संस्थान के चेयरमैन नरेंद्र सूरा, नर्सिंग की प्राचार्या आर.रंजीता देवी, स्कूल प्राचार्या ए.शर्मिला, अंतरराष्ट्रीय कोच राजसिंह छिक्कारा, अंतरराष्ट्रीय पहलवान नवजोत कौर व भाजपा नेता तीर्थ राणा ने पहलवानों का हौसला बढ़ाया।
एशियाई सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान नवजोत कौर ने कहा कि टीना, नैना, रीना व मीनाक्षी भविष्य की ओलंपियन हैं। देश में लड़कियों का रुझान कुश्ती के प्रति बढ़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि महिला पहलवान ओलंपिक खेलों में प्रदर्शन कर पदक जीतेंगी। संस्थान के चेयरमैन नरेंद्र सूरा ने कहा कि वह पदक विजेता पहलवानों को जापान भेज कर उन्हें कुश्ती की विशेष प्रशिक्षण दिलवाएंगे, जिससे वह ओलंपिक खेलों में भी देश को पदक दिलाने में कामयाबी हासिल कर सकेंगी। उन्होंने कोच रणधीर सिंह को उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने भरोसा जताया कि एकेडमी की पहलवान ओलंपिक में भी पदक हासिल कर देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।