फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतक पीजीआई से बच्ची चोरी कर भागी महिला व्हाट्सएप ग्रुप में डाले फोटो के जरिए पकड़ी, सोनीपत पुलिस ने कंबल से की पहचान

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक पीजीआई से बच्ची चोरी कर भागी महिला व्हाट्सएप ग्रुप में डाले फोटो के जरिए पकड़ी, सोनीपत पुलिस ने कंबल से की पहचान
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। पीजीआई से वीरवार को बच्ची को लेकर भागी महिला का फोटो व्हाट्सएप ग्रुप में डालने से उसके पकड़े जाने में आसानी रही। इसी की मदद से महज सवा चार घंटे में ही महिला को काबू कर लिया गया। व्हाट्सएप पर बने एसपीटी पुलिस ग्रुप में वीरवार दोपहर को एक महिला का फोटो वायरल किया गया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि महिला पीजीआई रोहतक से एक बच्ची का अपहरण कर फरार हुई है। जिस पर सोनीपत पुलिस भी सतर्क हो गई थी। पुलिस ने महिला को काबू कर लिया।
वीरवार शाम को करीब साढ़े चार बजे सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल कुमार अपने साथी कर्मी एचसी रमेश के साथ अपने क्षेत्र के संस्थानों में लगे सीसीटीवी जांचने के लिए निकले थे। इसी बीच दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला दिखाई दी। महिला ने पुलिस को देखकर अपना चेहरा मोड़ लिया। जिस पर पुलिस उसके पास गई और पुलिस ग्रुप में वायरल फोटो से उसका हुलिया मिलता देख उससे गोद में लिए बच्चे के बारे में पूछताछ की। जिससे महिला ने बच्चे को अपना बताया। उस पर शक के आधार जब गहनता से पूछताछ की तो उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। फिर पुलिस ने बच्चा दिखाने को कहा तो उसने कहा कि दो बाइक सवार महिला व पुरुष उसका बच्चा छीन ले गए और उसे बच्ची देकर चले गए। जिस पर पुलिस ने तुरंत महिला पुलिस को बुलाकर महिला को काबू कर लिया। बाद में रोहतक पुलिस से संपर्क किया गया। रोहतक से पहुंचे पीजीआई रोहतक थाना प्रभारी प्रमोद व महिला पुलिस टीम पहुंची। आरोपी महिला ने अपनी पहचान सोनीपत के गांव राठधना की रहने वाली महक के रूप में दी। पुलिस ने उसके पति दिनेश, सास व महिला के जानकार ककरोई निवासी एक युवक को भी चौकी में बुलवा लिया। जिसके बाद रोहतक पुलिस टीम चारों को अपने साथ लेकर रोहतक चली गई। रोहतक पुलिस पूछताछ कर कई खुलासे कर सकती है।
विज्ञापन


पीजीआई में दर्ज हैै बच्ची के अपहरण का मामला
जिस बच्ची के साथ महिला को पकड़ा गया है उसके अपहरण का मामला पीजीआई रोहतक में दर्ज हुआ है। गोहाना के गौतम नगर की रहने वाली मनीषा को बुधवार को पीजीआई रोहतक में लाया गया था। जहां उसने सुबह 11 बजे बच्ची को जन्म दिया था। मनीषा अपनी ननद रिंकल व बच्ची के साथ दवाई लेने की लाइन में खड़ी थी। रिंकल उसकी बच्ची को गोद में लिए थी। इसी बीच अचानक मनीषा को चक्कर आ गया। आरोप है कि वहां पर महक भी खड़ी थी। उसने रिंकल से बच्ची को ले लिया और मनीषा को मदद देने को कहा। जब रिंकल अपनी भाभी की मदद करने लगी तो इसी बीच महक बच्ची को पीजीआई से अपहरण कर भाग निकली। जब रिंकल का ध्यान उसकी तरफ गया तो उसे ना पाकर उसने शोर मचा दिया। बाद में रोहतक पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने पीजीआई में सीसीटीवी की जांच की तो उसमें महक बच्चे को कंबल में लेकर भागती दिख रही थी। जिसकी फुटेज को पुलिस के ग्रुप में वायरल किया और सोनीपत पुलिस ने महिला को दबोच लिया।

चौकी प्रभारी की सजगता से पकड़ी गई महिला
बच्ची के अपहरण के मामले में सिक्का कॉलोनी चौकी प्रभारी अनिल सही मायने में हीरो साबित हुए। उनकी सजगता से ही महिला को दबोचा जा सका। वीरवार दोपहर साढ़े 12 बजे एसपीटी सोनीपत पुलिस के ग्रुप में महिला का बच्ची को कंबल में लपेटे हुए का फोटा वायरल हुआ था। उसके बाद से अनिल ने फोटो देखकर अपने रूटीन कामों को शुरू कर दिया था। शाम को जब वह सीसीटीवी की चेकिंग पर निकले तो उनके साथ एचसी रमेश थे। दिल्ली कैंप में उन्हें एक महिला बच्ची को कंबल में लपेटकर खड़ी दिखाई दी। उन्हें तुरंत ध्यान आया कि संतरी रंग के कंबल में बच्ची का अपहरण किया गया था। जिस पर उन्होंने महिला को शक के आधार पर पकड़कर उससे पूछताछ की। शक होने पर उसे काबू कर लिया गया।

इस तरह बदले महिला ने अपने बयान
जब महिला को पकड़ा गया तो उसने कहा कि बच्ची उसकी है। उसके बाद पूछताछ में कहा कि अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आई है। कुछ देर बाद कहा कि वह अपने बच्चे को पीजीआई से लेकर आ रही थी। गांधी चौक व बस अड्डे के बीच दो बाइक पर आए दो महिला व दो युवकों ने उसके बच्चे को उससे छीन लिया और बच्ची को थमाकर चले गए। उसके लगातार बयान बदलने पर उसे शक के आधार पर काबू किया गया।

महिला बोली उसे हुआ था प्री-मेच्योर बच्चा
पकड़े जाने के बाद महिला ने पुलिस के सामने एक अन्य कहानी बताई कि उसे पीजीआई रोहतक में 31 दिसंबर, 2018 को प्री-मैच्योर बच्चा हुआ था। जिसका वजन महज 600 ग्राम था। उसके बाद उसे नर्सरी में रखा गया था। वहां से वह वीरवार को अपने बच्चे का लेकर आई थी। उसे दो बाइक पर सवार होकर आए दो महिला व दो युवक छीन कर ले गए।

पीजीआई में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है महिला
बच्ची के साथ पकड़ी गई महिला के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह पीजीआई रोहतक में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रही है। बच्ची का अपहरण कर जब वह भागी तो उसे मेन गेट पर पकड़े जाने का डर था। जिसके चलते ही वह पीजीआई में शव गृह के पीछे से निकलकर बाहर भाग निकली। जिससे उसे वहां पकड़ा नहीं जा सका।

रोहतक पीजीआई से बच्ची के अपहरण के बारे में पुलिस ग्रुप में वायरल हुए फोटो से पता लगा था। जिसके बाद से बच्ची के बारे में पता लगाया जा रहा था। शाम को जब मैं गश्त व चेकिंग पर निकला तो इसी दौरान महिला को देखकर उस पर शक हो गया। साथ ही वायरल फोटो में देखे गए कंबल के आधार पर उसमें लिपटी बच्ची के कारण शक ज्यादा गहरा गया। बाद में महिला से पूछताछ हुई तो वह बयान बदलने लगी। तभी उसे हिरासत में लिया गया। मामला रोहतक पीजीआई थाने का था। जिसेक चलते वहां की पुलिस से संपर्क कर बच्ची व महिला को उन्हें सौंप दिया गया। अब कार्रवाई रोहतक पुलिस करेगी।
विज्ञापन

अनिल कुमार, चौकी प्रभारी, सिक्का कॉलोनी सोनीपत।
---
पीजीआई से वर्ष 2017 में एक बच्चा चोरी हुआ था, जिसमें अभी तक बच्चा चोर का पता नहीं लग सका है। उस समय बच्चा चोरी के मामले में बनाई गई एसआईटी का इंचार्ज मुझे बनाया गया था और उस समय जांच में सामने आया था कि महिला ने बच्चा चोरी किया है। जिस तरह से यह महिला पीजीआई से बच्चा लेकर भागी है, उसको देखते हुए 2017 में हुए बच्चा चोरी के तार भी इससे जुड़ सकते हैं। उसको देखते हुए भी जांच कराई जाएगी। रविंद्र कुमार, डीएसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें