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रोडवेज कर्मियों के समर्थन में सफाई कर्मियों की हड़ताल, नहीं उठा 350 टन कूड़ा, कल से हड़ताल पर जाएंगे सात हजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। जिलेभर में करीब सात हजार कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इसके साथ ही रविवार को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए काम बंद कर दिया है। इसके चलते शहर के सभी डंपिंग प्वाइंट से दिनभर कूड़े का उठान नहीं हो पाया। सड़क पर डंपिंग प्वाइंटों के पास से गुजरने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए महज 157 बस चलाई गई। उसके बाद भी आने-जाने में लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। गोहाना में धरना स्थल पर रोडवेज कर्मियों ने धरनास्थल पर हवन किया। इसके बाद जनसंघर्ष मंच के साथ मिलकर सरकार का पुतला भी फूंका।
रोडवेज कर्मियों के समर्थन में निगम के सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न प्वाइंटों पर कूड़ा उठाने वालों का हड़ताली कर्मियों ने विरोध किया। शहर के नंदी चौक पर डंपिंग प्वांइट से ट्रैक्टर-ट्राली में कूड़ा डाला जा रहा था। इसी दौरान सफाई कर्मचारी नंदी चौक पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। उसके बाद ठेके के कारिंदों ने ट्रैक्टर-ट्राली से कूड़ा वापस वहीं डाल दिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान अजीत रिडलान ने बताया कि सरकार की तरफ से रोडवेज कर्मियों की हड़ताल को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अगर सरकार ने इसे लेकर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मियों के हितों को लगातार अनदेखा कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह कर्मचारी हित में आगे आकर पहल करें। उधर, सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने के चलते शहर में गंदगी फैल गई है। लोगों को परेशानी हो रही है। सफाई कर्मी ठेका कर्मियों को भी गंदगी का उठान नहीं करने दे रहे हैं। अगर सफाई कर्मी की हड़ताल लगातार जारी रखेंगे तो स्थिति विकट हो सकती है।
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सर्व कर्मचारी संघ कल से दो दिन की रखेगा हड़ताल
सर्व कर्मचारी संघ के जिला उप प्रधान आनंद शर्मा ने बताया कि संघ के आह्वान पर विभिन्न विभागों के करीब सात हजार कर्मचारी 30 व 31 अक्तूबर को हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। रविवार को रोहतक में हुई सर्व कर्मचारी संघ की मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया।
रोडवेज कर्मियों का धरना जारी
सोनीपत बस अड्डे के बाहर रोडवेज कर्मियों का धरना 13वें दिन भी जारी रहा। जहां कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के साथ कांग्रेस नेता उमेश शर्मा ने भी हड़ताल को समर्थन किया। गोहाना बस स्टैंड के बाहर धरने पर रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल के 13 दिन पूरे होने पर सरकार को सदबुद्धि देने के लिए हवन किया। इसके बाद जन संघर्ष मंच हरियाणा व समता मूलक महिला संगठन के सदस्यों ने रोडवेज कर्मियों के साथ शहर में जुलूस निकाला। आंबेडकर चौक पर पहुंच कर प्रदेश सरकार के पुतले का दहन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मंच के प्रांतीय सलाहकार डॉ. सीडी शर्मा व संगठन की प्रदेश संयोजिका डॉ. सुनीता त्यागी ने संयुक्त रूप से किया।
दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होने की अपील
पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन सदस्यों ने रविवार को गोहाना रोड स्थित कार्यालय में बैठक की। जिसमें प्रधान ओमप्रकाश मलिक व ब्रांच सचिव देशराज जैन ने कहा कि रोडवेज कर्मियों के समर्थन में 30 व 31 अक्तूबर को हड़ताल की जाएगी। जिसमें कर्मचारी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने अधिक से अधिक कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल होने की अपील की। इस दौरान इंद्र पहल, अरुण चौहान, नफीस अली, सतीश शर्मा, सतबीर शर्मा, मुल्क सिंह, मुकेश कुमार, रमेश मलिक, नरेश कुमार, आनंद हुड्डा, चतर सिंह, राकेश कुमार, मुकेश खत्री, रमेश आंतिल आदि मौजूद रहे।
खुर्मपुर व भैरा बांकीपुर की पंचायत ने लिखा सीएम को पत्र
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में खुर्मपुर के सरपंच नरेश कुमार व भैरा बांकीपुर के सरपंच नरेंद्र कुमार ने सीएम को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी बसों के लिए जारी किए गए परमिट को वापस लिया जाए। प्रदेश में सिर्फ रोडवेज की बसें चलाई जाए। 13 दिन से बसें नहीं चलने से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने कहा प्रदर्शन का तरीके बदलें कर्मी
रोडवेज कर्मियों को काले बिल्ले लगाकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना चाहिए। कर्मियों के धरने पर बैठने से आम जनता सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से उनकी मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए। दिनेश कुमार, कच्चे क्वार्टर
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से हर वर्ग परेशान है। बसों के इंतजार में कई-कई घंटे सड़कों पर खड़ा रहना पड़ रहा है। रोडवेज कर्मचारियों को सरकार से बातचीत कर अपनी मांगों का समाधान करा लेना चाहिए।
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नरेश कुमार निवासी सोनीपत
सरकार की मनमानी व रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से आम आदमी को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। विभाग की ओर से नए चालकों को सरकारी बसों के स्टेयरिंग थमा तो दिए, लेकिन चालक अनट्रेंड होने से बसों को नुकसान पहुंच रहा है। हादसे का भय बना रहता है। योगेश निवासी सोनीपत
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