टीडीआई के ट्रांसफार्मर में लगी आग, 400 परिवारों की दहशत में कटी रात
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडली/सोनीपत। टीडीआई रेजीडेंसी में फैली अव्यवस्था से वहां रहने वाले लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। टीडीआई में मंगलवार रात ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग के चलते 400 परिवारों को रातभर दशहत में रहना पड़ा। जिस तरह से ट्रांसफार्मर में आग लगी थी, उस कारण उसके फटने से बड़ा हादसा होने की आशंका थी। देर रात रेजिडेंट कंपनी अधिकारियों को फोन करते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने खुद ही कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रेजीडेंट ने टीडीआई प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बिल्डर ने रेजिडेंट को बिजली देने के लिए ट्रांसफार्मर लगाया है, लेकिन इससे कंपनी के कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ओवरलोड होकर ट्रांसफार्मर में आग लगी है।
टीडीआई रेजीडेंट दीपक अरोड़ा, रविंद्र अंतिल, अनूप गोयल, दिनेश गुप्ता ने बताया कि टीडीआई में फ्लैट में बिजली सप्लाई को लगाए गए ट्रांसफार्मर में ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। वहां ट्रांसफार्मर फ्लैट में बिजली सप्लाई के लिए लगाया गया है, लेकिन बिल्डर के कारिंदे अन्य कामों के लिए भी ट्रांसफार्मर से बिजली लेते हैं। जिससे ओवरलोडिंग के चलते ट्रांसफार्मर में आग लग जाती है। वह ट्रांसफार्मर भी फ्लैट के पास ही लगा हुआ है। वहां मंगलवार रात को भी इसी तरह आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि हर समय बड़ा धमाका होने का भय सता रहा था। इसके चलते करीब चार सौ परिवारों को रात भर जागकर दशहत में रात बितानी पड़ी। आग पर काबू पाने के लिए छोटे सिलिंडर का प्रयोग किया जा रहा था। वहीं कंपनी अधिकारियों को भी फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। काफी देर आग लगी रहने के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि रेजीडेंसी में कमजोर तार लगाए गए हैं। जिससे हादसा होने का भय बना रहता है।
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जेनरेटर चलकार 22 रुपये पति यूनिट वसूलते हैं चार्ज
रेजीडेंट ने आरोप लगाया कि बिजली जाने की स्थिति में जेनरेटर से बिजली सप्लाई की जाती है। जिसकी एवज में भारी भरकम चार्ज वूसला जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 रुपये प्रति यूनिट तक चार्ज किया जाता है। बिल्डर कंपनी उन्हें लगातार चूना लगा रही है।
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बिजली के उपकरण भी काफी खराब लगाए
टीडीआई में रहने वाले लोगों का आरोप है कि वहां केवल ट्रांसफार्मर ही ओवरलोड नहीं है, बल्कि वहां बिजली सप्लाई के लिए अन्य उपकरण व तार भी काफी खराब लगाई गई हैं। जिससे उनमें भी आए दिन फाल्ट आता रहता है और उनके घरों की बिजली गुल हो जाती है। ऐसी हालत में जनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति की जाती है और उसकी एवज में मोटी रकम वसूली जाती है।
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टीडीआई में ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर फुंका है। यह दिखवाया जाएगा कि वहां किस ट्रांसफार्मर से काम चल सकता है और उसके बारे में बिल्डर को बताया जाएगा। क्योंकि वह बिल्डर ने अपना निजी ट्रांसफार्मर लगवाया हुआ है।
- जेसी शर्मा, एक्सईएन