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डॉक्टरों व कर्मियों की भर्ती पर लगी रोक हटी, अस्पतालों में मनोरोगियों के इलाज को होगी भर्तियां

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डॉक्टरों व कर्मियों की भर्ती पर लगी रोक हटी, अस्पतालों में मनोरोगियों के इलाज को होंगी भर्तियां
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सोनीपत। एनएचएम व डीएमएचपी में डॉॅक्टरों के साथ ही कर्मियों की भर्ती पर लगी रोक को हटा दिया गया है। जिससे अस्पतालों पर इनकी भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है और अब डॉक्टरों व कर्मियों की भर्ती करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवेदन मांगे गए हैं और एनेस्थीसिया, पीडिएट्रीशियन, मेडिकल ऑफिसर, कंसलटेंट मनोचिकित्सक, नर्स आदि की जल्द 11 भर्ती की जाएगी। इनकी भर्ती होने से मनोरोगियों को फायदा होगा और उनको प्राइवेट डॉक्टरों के पास इलाज के लिए मोटी रकम नहीं खर्च करनी पड़ेगी।
नेशनल हेल्थ मिशन व डिस्ट्रिक मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत डॉक्टरों से लेकर अन्य कर्मियों की भर्तियों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिसंबर 2017 में आवेदन मांगे गए थे। लेकिन एनएचएम की एमडी अमनीत पी कुमार ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए भर्ती पर रोक लगा दी थी। इसका कारण बताया जा रहा है कि एनएचएम व डीएमएचपी के तहत भर्ती किए जाने वाले डॉक्टरों को पिछले साल मिल रहा वेतन रिवाइज किया जाना था। इस वेतन को एक जनवरी 2018 से रिवाइज किया जाना था और इस कारण ही भर्ती पर रोक लगाई गई थी। अब वेतन रिवाइज होने पर भर्ती पर लगी रोक हटा दी गई है। यह रोक हटते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से 11 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं और यह आवेदन सीएमओ डॉ. जेएस पूनिया की ओर से मांगे गए हैं। जिन पदों पर भर्ती की जानी हैं, इनमें एक एनेसथीसिया, एक पीडिएट्रीशियन, एक मेडिकल ऑफिसर, एक कंसलटेंट मनोचिकित्सक, 2 नर्स, एक क्लीनिकल फिजियोलोजिस्ट, एक मनोचिकित्सक सोशल वर्कर, एक केस रजिस्ट्री असिस्टेंट, मॉनिटरिंग एंड एवेल्यूएशन ऑफिसर समेत 11 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए आवेदन मांग लिए गए हैं और इनकी भर्ती प्रक्रिया को जल्द ही पूरा करने की बात कही जा रही है।
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सरकारी अस्पतालों में पहली बार होगा मनोरोगियों का उपचार
जिन 11 पदों के लिए डॉक्टरों व कर्मियों की भर्ती की जा रही है, इनकी भर्ती होने से लोगों को बड़ा फायदा होगा। क्योंकि सरकारी अस्पतालों में अभी तक मनोरोगियों का उपचार नहीं किया जाता था, क्योंकि विभाग में मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर ही भर्ती नहीं किए जाते थे। इस कारण ही मनोरोगियों को निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता था या दिल्ली नजदीक होने के कारण वहां के डॉक्टरों के पास उपचार कराना पड़ता था। इस उपचार पर काफी रुपया भी खर्च किया जाता था, क्योंकि मानसिक स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण कई बार उपचार लंबा चलाया जाता है। लेकिन सरकार ने अब मनोरोगियों के उपचार के लिए भर्ती करने का फैसला लिया है और उसके तहत ही यह भर्ती हो रही है।
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सरकार ने पहली बार मनोरोगियों के उपचार के लिए अस्पतालों में व्यवस्था की है। इसके लिए ही 11 पदों पर भर्ती की जानी है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती के लिए डॉक्टरों व कर्मियों से आवेदन मांगे गए हैं। जिनकी जल्द ही भर्ती करके मनोरोगियों का उपचार शुरू किया जाएगा। इस तरह अब सरकारी अस्पतालों में मनोरोगियों को उपचार मिलेगा और किसी को प्राइवेट हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होगी।
-डॉ. जयकिशोर, नोडल अधिकारी एनएचएम
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