जनता रिलीफ सोसायटी के जनता अस्पताल की प्रबंध समिति में आजीवन सदस्य बनाने के नाम पर 100 सौ लोगों से 21-21 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इनमें व्यापारी, उद्यमी व नेता भी शामिल हैं।
आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपियों ने सदस्य बनाने से इनकार कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता संजय ने इसकी शिकायत एसपी को दी। एसपी ने इसकी जांच कराने के बाद सिटी थाने में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
सिंगला सीमेंट स्टोर के संजय कुमार सिंगला ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि गुड़मंडी के पास स्थित जनता धर्मार्थ अस्पताल का संचालन जनता रिलीफ सोसायटी करती है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने 1 सितंबर 2019 को प्रस्ताव पास किया था कि सोसायटी के अधिकतर सदस्यों का स्वर्गवास हो चुका है और इसलिए नए सदस्य बनाए जाएंगे। उस प्रस्ताव के तहत 21-21 हजार रुपये का चेक लेकर आजीवन 100 सदस्य बनाने का फैसला लिया गया था। इसके बाद सोसायटी के पदाधिकारियों ने शहर के व्यापारियों, उद्यमियों, नेताओं समेत 100 लोगों से 21-21 हजार रुपये के चेक लिए। उन्होंने उनके बहकावे में आकर चेक दे दिए। इसके लिए जनता धर्मार्थ अस्पताल के नाम से रसीद भी उन सभी 100 लोगों को दी गई। उसके बाद चुनाव कराया गया तो उन 100 लोगों को पता चला कि उनसे रुपये लेने के बाद भी सदस्य नहीं बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनको बैठक में पास हुए प्रस्ताव को दिखाकर रुपये लिए गए और रसीद देने के बाद भी सदस्य नहीं बनाया गया। इस तरह से उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने शिकायत के साथ उन 100 लोगों के नाम की सूची भी सौंपी थी, जिनसे धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया था। संजय कुमार की शिकायत पर जांच कराने के बाद अब पुलिस ने उनके बयान पर जनता अस्पताल की कमेटी के प्रधान अजय कुमार गोयल, सचिव ओपी शर्मा, कैशियर जयकंवार जैन, देवेंद्र गर्ग, वेदप्रकाश गुप्ता और सतीश मोहन बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
करीब आठ दशक पहले बनाया गया था अस्पताल
शिकायतकर्ता का कहना है कि शहर के लोगों ने करीब आठ दशक पहले एक-एक रुपया चंदा करके इस धर्मार्थ अस्पताल को बनवाया था। इसमें जरूरतमंदों को रियायती दरों पर उपचार दिलाया जाता था। अब अस्पताल की स्थिति बेहतर नहीं रही। इसके स्टाफ ने भी धरना प्रदर्शन किया था। उस समय अस्पताल की कमेटी ने निर्णय लिया था कि अस्पताल की हालत में सुधार किया जाए। इसके लिए सौ नए सदस्य बनाने और उसने आर्थिक सहायता लेने का निर्णय लिया गया था। कमेटी ने इसका प्रस्ताव पास कर लिया था।
वर्जन
शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
- देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, सिटी सोनीपत।