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मुरथल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी ऑनर्स भी पढ़ सकेंगे छात्र, कलर साइंस के लिए भी मिली मंजूरी

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मुरथल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी ऑनर्स भी पढ़ सकेंगे छात्र, कलर साइंस के लिए भी मिली मंजूरी
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-एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में कई नए कोर्स शुरू करने पर लगी मुहर, इस शिक्षण सत्र से होंगे शुरू
-शोध करने वाले छात्रों को हर महीने यूनिवर्सिटी की ओर से 15 हजार रुपये भी दिए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में अब छात्र अंग्रेजी ऑनर्स भी पढ़ सकेंगे तो कलर साइंस व टेक्रिकल साइंस में एमटेक भी यूनिवर्सिटी से कराई जाएगी। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में यह सभी कोर्स शुरू करने पर मुहर लग गई है और यह सभी कोर्स शिक्षण सत्र 2018-19 में शुरू कर दिए जाएंगे। इस तरह अब होने वाले एडमिशन में यह सभी कोर्स शामिल कर दिए जाएंगे।
मुरथल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम तक एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग चली, जिसमें यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के डीन व अन्य यूनिवर्सिटी के नामित सदस्यों ने हिस्सा लिया। एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में इस बार निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया जो पहली बार हुआ है। वीसी ने कहा कि शिक्षण सत्र 2018-19 विद्यार्थियों के लिए अच्छा रहने वाला है, क्योंकि यूनिवर्सिटी उनके लिए कई नए कोर्स शुरू कर रही है। इनमें अंग्रेजी ऑनर्स के अलावा रोजगार के लिए सबसे अहम दो कोर्स एमटेक टेक्रिकल साइंस व एमटेक कलर साइंस शामिल है। एमटेक के यह दोनों कोर्स हरियाणा में किसी भी यूनिवर्सिटी में नहीं हैं।
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वीसी ने बताया कि अंग्रेजी ऑनर्स के तहत तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में बीए ऑनर्स की डिग्री मिलेगी और कोई विद्यार्थी पांच वर्ष तक पढ़ता है तो उसे एमए ऑनर्स की डिग्री दी जाएगी। वीसी ने बताया कि शिक्षण संस्थानों में शोध कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और इसलिए ही पीएचडी कोर्स वर्क के टॉपर्स को 15 हजार रुपये मासिक छात्रवृति दी जाएगी जो एक जनवरी 2018 से मिलेगी। विद्यार्थियों के लिए यूनिवर्सिटी में एक नई सुविधा ओर शुरू की गई है। कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के कागजों की जांच में देरी होती थी तो उनको आखिरी तारीख के बाद एक महीने का अतिरिक्त समय दिया जाता है, लेकिन उस अतिरिक्त समय के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित की जाने वाली लेट फीस जमा करनी होती थी। यूनिवर्सिटी ने इस लेट फीस को खत्म कर दिया है, लेकिन उस अतिरिक्त मिलने वाले एक माह के बाद किसी को दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा।
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