अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
जिन यूनिवर्सिटी के वीसी व रजिस्ट्रार क्लास में जाकर नहीं पढ़ाते हैं, उन्हें भी अब क्लास में जाकर पढ़ाना होगा। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने साफ कहा है कि वीसी व रजिस्ट्रार भी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे तो उससे जहां अन्य प्रोफेसरों को सीख मिलेगी, वहीं विद्यार्थी भी पढ़ाई में रूचि दिखाएंगे। शिक्षामंत्री ने दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि वह खुद भी विद्यार्थियों को पढ़ाकर मिशाल कायम कर रहे हैं, ऐसा सभी को करना चाहिए।
शिक्षामंत्री ने बुधवार को चंडीगढ़ में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के वीसी व रजिस्ट्रार की मीटिंग बुलाई थी, जहां सभी से यह बात कही गई। इसके अलावा विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करने के लिए भी कवायद शुरू करने की बात कही गई। क्योंकि ऐसा करने से पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा और उससे शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बुधवार को चंडीगढ़ में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के वीसी व रजिस्ट्रार के साथ मीटिंग की, जिसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उसमें कहा गया कि यूजीसी ने सभी कक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी, जिससे परीक्षा के साथ ही उसका परिणाम घोषित करने में काफी समय बीत जाता है। एक सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित करने में लगभग 45 दिन लग जाते हैं और इस तरह साल में 90 दिन परीक्षा परिणाम में चले जाते हैं। जबतक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होता है तो क्लास भी शुरू नहीं की जाती है। सेमेस्टर प्रणाली यूजीसी ही खत्म कर सकती है, इसलिए यूनिवर्सिटी स्तर से परीक्षा परिणाम घोषित करने का समय कम करने के लिए कहा गया। इनको 45 दिन की जगह 25 दिन तक लाने के लिए कहा गया, जिससे पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिल सके।
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल के वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने परीक्षा परिणाम घोषित करने की अवधि को कम करने के लिए काम भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि कॉपी देरी से चैक करने वाले प्रोफेसरों को पत्र लिखा जाएगा तो उनको जल्द चैक कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस तरह ही परीक्षा परिणाम जल्द घोषित किया जा सकता है।
पांच गांव गोद लेकर सुधार करने के आदेश दोहराए
वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने बताया कि मीटिंग में सभी यूनिवर्सिटी को पांच गांव गोद लेकर उनमें विकास कार्य से लेकर शिक्षा, सफाई आदि का स्तर बेहतर करने के लिए भी कहा गया। वीसी ने बताया कि अधिकतर यूनिवर्सिटी ने पहले से पांच गांव गोद लिए हुए हैं और उनमें काम भी किया जा रहा है। लेकिन वह काम अच्छे तरीके से करने के लिए कहा गया है, जिससे उन गांवों की स्थिति को बदला जा सके। उनके अनुसार मुरथल यूनिवर्सिटी भी पांच गांव गोद लेकर काम कर रही है, जिनको अब ओर बेहतर किया जाएगा।