नवासा समेत सात गांवों के खेतों में दोबारा भरा बारिश का पानी, प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना।
मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बनवासा समेत सात गांवों के खेतों में एक माह से ज्यादा समय से पानी भरा हुआ है। सिंचाई विभाग द्वारा दस पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा था। दो दिन की बारिश में उतना ही पानी भर गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि बनवासा समेत आसपास के गांवों को बाढ़ग्रस्त घोषित कर मुआवजा दिया जाए। पिछले दो दिन में हुई 48 एमएम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं बारिश ने क्षेत्र के किसानों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। मूसलाधार बारिश ने बनवासा समेत सात गांवों के खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी कराई जाए तथा किसानों को मुआवजा दिया जाए। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जुलाना रोड पर प्रदर्शन किया।
अधिकारी आते हैं झूठी दिलासा देकर चले जाते हैं
गांव बनवासा निवासी रविंद्र नरवाल, राम भगत, राजकुमार, बलवान व बलबीर का कहना है कि तीन बार अधिकारी उनके गांव में आ चुके हैं। एक बार स्वयं डीसी केएम पांडुरंग तथा एसडीएम सुभिता ढ़ाका के अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारी और सीएम के ओएसडी भी आ चुके हैं। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं। खेतों से पानी निकालने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
एक माह से भी ज्यादा समय से खड़ा है खेतों में पानी
किसानों का कहना है कि एक माह से भी ज्यादा समय से खेतों में पानी भरा हुआ है। उनका कहना है कि खेतों में पानी भरा होने से उनकी फसल खराब हो गई है। 25 जून को पहली बार बारिश हुई थी। तभी से खेतों में पानी भरा हुआ है। पिछले दिनों सिंचाई विभाग द्वारा कुछ पानी निकाला गया था। उसके बाद कुछ किसानों ने धान की रोपाई भी की थी। लेकिन दो दिन में बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पानी की निकासी हो चुकी है
बनवासा समेत सात गांवों के खेतों में खड़ा पानी न के बराबर रह गया है। पिछले एक माह से वहां पंप लगाए गए हैं। दो दिन पहले खेतों से पानी पूरी तरह निकल चुका था। लेकिन बारिश होने से दोबारा कुछ हिस्से में पानी भर गया है। अब भी मौके पर सात पंप चल रहे हैं। जो पानी भरा हुआ है, उसे भी जल्दी ही निकाल दिया जाएगा।
- नवतेज सिंह, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग