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Sonipat News: 200 डेयरी संचालक सीवर लाइनों में बहा रहे पशु अपशिष्ट, अब होगी सख्त कार्रवाई

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- जलापूर्ति विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम आबादी के बीच डेयरी पर लगाएगी ताला
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- शहर की लाइफलाइन पर मंडरा रहा खतरा
- बार-बार सीवर जाम होने से परेशान शहरवासी

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- कमेटी पशु डेयरी संचालकों को पशु अपशिष्ट प्रबंधन की देगी जानकारी
- नगर परिषद शहर में 66 पशु डेयरी संचालकों को दे चुका है नोटिस
फोटो 29
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। शहर की सीवर व्यवस्था को चौपट करने वाले पशु डेयरी संचालकों के खिलाफ अब प्रशासनिक शिकंजा कसने की तैयारी है। शहर के करीब 200 डेयरी संचालक नियमों को ताक पर रखकर पशुओं का अपशिष्ट (गोबर और अन्य कचरा) सीधे जलापूर्ति विभाग की सीवर लाइनों में बहा रहें हैं। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में सीवर लाइनें चोक हो रही। सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल रहा है, इससे शहरवासी हो चुके हैं। शहर की लाइफलाइन पर खतरा मंडराता देख आबादी के बीच संचालित होने वाली डेयरियों पर जलापूर्ति विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम ताला लगाने का काम करेगी।
शहर में आबादी एरिया में बड़ी संख्या में पशु डेयरियां संचालित हो रही हैं। अधिकांश पशु डेयरी संचालकों ने पशु अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की हुई है। डेयरी संचालक पशु अपशिष्ट को नालियों व सीवर लाइनों में बहा देते हैं। नालियों से होते हुए अपशिष्ट सीवर लाइनों में ही पहुंचता है। इससे शहर में पानी निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) में भी सीवर के पानी के शोधन पर असर पड़ रहा है। सीवर के पानी में पशु अपशिष्ट होने से पानी का शोधन बेहतर तरीके से नहीं होता है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए दोनों विभागों की ज्वाइंट कमेटी बनी है।
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66 डेयरी संचालकों को नगर परिषद ने दिया नोटिस
नगर परिषद में शहर में 66 डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। सचिव सुंदर शर्मा का कहना है कि इन संचालकों ने पशु अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की हुई थी। नोटिस जारी कर संचालकों को डेयरी परिसर में गड्ढ़े तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अपशिष्ट उनमें एकत्रित किया जा सके। इससे पशु अपशिष्ट सीवर लाइनों में नहीं पहुंचेगा।
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पशु डेयरियों से अपशिष्ट सीवर लाइनों में डालने से रोकने के लिए नगर परिषद के साथ ज्वाइंट कमेटी बनाई है। कमेटी पशु डेयरी संचालकों को अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में बताएगी। इसके बावजूद भी पशु अपशिष्ट सीवर लाइन में डालने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र लाठर, एसडीओ, जलापूर्ति विभाग गोहाना
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