सोनीपत। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सजा सुनाई है। आरोपित सुनील उर्फ सन्नी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने उसपर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने सुनाया। जुर्माने में से 42 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर मिलेंगे। यह मुआवजा शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के लिए दिया जाएगा। मामला 24 दिसंबर 2024 को गन्नौर थाने में दर्ज हुआ था।
पीड़िता के पिता ने शिकायत में बताया था कि 23 दिसंबर को सुनील उर्फ सन्नी उनकी 13 वर्षीय बेटी को फुसलाकर खेतों में ले गया। वहां उसने दुष्कर्म किया और किसीको बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की। पीड़िता के न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए और चिकित्सीय परीक्षण भी हुआ।
पीड़िता की उम्र की पुष्टि के लिए स्कूल का दाखिला रजिस्टर, जन्मतिथि संबंधी रिकॉर्ड और आधार कार्ड दस्तावेज के रूप में दिए गए। एफएसएल मधुबन की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। एलएसआई मंजू और एसआई सतीश ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। साक्ष्यों और पुलिस की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने 25 अगस्त को सुनील को दोषी करार दिया था।