अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल कैद व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं।
मूलरूप से बिहार व घटना के समय सोनीपत में रहने वाली महिला ने 18 जनवरी, 2021 को सिविल लाइन थाना में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 14 साल की बेटी संदिग्ध अवस्था में लापता हो गई। उन्होंने शक जताया था कि जितेंद्र नामक युवक उसकी बेटी को बहकाकर ले गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में जांच करते हुए तत्कालीन एएसआई उषा ने लड़की को बरामद कर लिया था। लड़की को घटना के करीब 10 दिन बाद आरोपी जितेंद्र के किराये के कमरे से बरामद किया गया था। उसका मेडिकल कराने पर दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। मामले में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा जोड़ दी गई थी। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र का गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी जितेंद्र को दोषी करार दिया। उसे शुक्रवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राश में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।