सोनीपत। शहर के सेक्टर-23 के रहने वाले व्यक्ति ने महिला समेत पांच लोगों पर उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर 20 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। व्यक्ति का आरोप है कि जब उसने पैसे लेने के लिए एसपी दफ्तर में शिकायत दी तो आरोपियों ने नकदी के बदले प्लॉट उसके नाम कराने की बात कही थी। वह उसे लंबे समय तक प्लॉट देने के नाम पर लटकाते रहे। बाद में उसे पता लगा कि प्लॉट का एग्रीमेंट पहले ही किसी अन्य के नाम किया जा चुका है। जिस पर उसने एसपी दफ्तर में दोबारा शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-23 निवासी धर्मपाल ने पुलिस का बताया कि सोनीपत निवासी संजीव, ललित, नीरज, सोनिया गर्ग व योगेश गर्ग ने उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी से उससे 20 लाख रुपये लिए थे। आरोपियों ने 10 लाख रुपये 30 अप्रैल, 2016 व 10 लाख रुपये 7 नवंबर, 2016 को दिए थे। उसके बाद उसके बेटे को विदेश नहीं भेजा गया। जिस पर उसने नवंबर, 2017 में एसपी दफ्तर मेें मामले की शिकायत दी थी। जिसकी जांच एपी के निर्देश पर आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी। बाद में अक्तूबर, 2018 को सोनिया गर्ग व योगेश गर्ग ने कहा कि वह 20 लाख रुपये नहीं दे सकते। इसके एवज में वह अपना देवडू रोड पर स्थित प्लॉट उसके नाम करा देंगे। उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री उसके नाम कराने की बात कही। जिस पर वह उनकी बातों में आ गया। धर्मपाल का आरोप है कि उसका एग्रीमेंट करवा दिया गया। उसने आरोपियों को रजिस्ट्री कराने को कहा तो वह पहले उसे टरकाते रहे। बाद में उन्होंने बताया कि प्लॉट का सोनिया के भाई संजीव, ललित, नीरज ने प्लॉट का एग्रीमेंट पहले ही किसी अन्य महिला के नाम करा रखा है। जिसकी रजिस्ट्री नहीं कराई थी। इस पर महिला ने उनके खिलाफ वर्ष 2013 से सदर थाना में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा रखा है। अभी वह रजिस्ट्री नहीं करा सकते। उसने रजिस्ट्री को दबाव बनाया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दे डाली। जिस पर धर्मपाल ने दोबारा एसपी कार्यालय में शिकायत दी। इस पर सदर थाना पुलिस न धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द मामले का पटाक्षेप किया जाएगा।