अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत।
उठाओ-उठाओ...अरे उसे बचाओ...जल्दी से कोई एंबुलेंस मंगाओ, किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। ये गतिविधियां भले ही मॉक ड्रिल का हिस्सा हो, लेकिन नजारा देखकर ऐसा लग रहा था कि वास्तव में जिले में भूकंप आ गया और बचाव के लिए प्रशासन प्रयासरत है। हर तरफ पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी की टीम चौकन्नी नजर आई। इधर से उधर दौड़ते-भागते पुलिस व प्रशासन कर्मी, एक-दूसरे को निर्देशित करते अधिकारियों के कारण असल में भूकंप के बाद का दृश्य नजर आ रहा था। प्रशासनिक अमले ने इस दौरान मिनी सचिवालय सहित पांच स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई। इस तरह मॉक ड्रिल करके 34 लोगों की जान बचाई गई है। कुछ देर के लिए लोगों की सांस ही थम गई थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। हां इतना जरूर था कि सभी अचंभित थे और पूरी तरह से हैरान-परेशान नजर आ रहे थे। बाद में पूरी कार्रवाई के बाद पुलिस व प्रशासन ने जब बताया कि यह भूकंप में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए की गई मॉक ड्रिल का हिस्सा है तो उनकी सांस में सांस आई। उधर, मॉक ड्रिल के कारण कई लापरवाही भी सामने आई। प्रशासन ने मॉक ड्रिल के लिए कच्चे क्वार्टर को प्वाइंट बनाया था। वहां अतिक्रमण के चलते जब गाड़ी नहीं जा सकी तो प्रशासन को सुभाष चौक के पास स्थित एक बिल्डिंग में ही मॉक ड्रिल करनी पड़ी। इस तरह कच्चे क्वार्टर में अतिक्रमण ही मॉक ड्रिल में रोड़ा बन गया। वहीं सामान्य अस्पताल में भी भूकंप पीड़ित जमीन पर पड़े दिखे और अस्पताल कर्मी पास खड़े जेब में हाथ डाले व हंसते नजर आए।
एडीसी ने संभाली मॉक ड्रिल की कमान
उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग के निदेर्पश पर वीरवार को मॉक ड्रिल की गई। जिसमें पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस तथा स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। अतिरिक्त उपायुक्त आमना तसनीम ने मॉक ड्रिल की कमान संभाली। मॉक ड्रिल से पूर्व सुभाष स्टेडियम में सभी टीमों को एकत्रित किया था। सुबह दस बजे अचानक सायरन की आवाज गूंज उठी।
लघु सचिवालय-
नगराधीश श्वेता सुहाग व नायब तहसीलदार देशराज कंबोज के नेतृत्व में टीम ने लघु सचिवालय में आपात स्थिति को बखूबी संभाला। उन्होंने अपनी टीम के साथ बिल्डिंग में फंसे करीब 10 लोगों को सकुशल बाहर निकाला। सभी घायलों के लिए प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा दी गई, जिन्हें प्राथमिक उपचार देने उपरांत सिविल अस्पताल रवाना किया गया।
सुभाष चौक-
एसडीएम सुभिता ढ़ाका ने सुभाष चौक पर विभिन्न दुकानों में फंसे हुए घायलों को सकुशल बाहर निकालने की कार्रवाई कराई। तुरंत एंबुलेंस मंगवाई तथा मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की सहायता से कैम्प लगाकर घायलों को उपचार की सुविधा प्रदान की। सुभाष चौक पर 12 घायल व्यक्तियों को बाहर निकाला गया।
ऋषिकुल विद्यापीठ-
सोनीपत के तहसीलदार हितेंद्र शर्मा अपनी टीम के साथ देवडू रोड स्थित ऋषिकुल विद्यापीठ में अभियान चलाया। सिविल डिफेंस व पुलिस के जवानों की सहायता से उन्होंने ऊंची बिल्डिंग में सफलतापूर्वक बचाव कार्य करवाया। इस दौरान उन्होंने बिल्डिंग के द्वितीय तल तथा तृतीय तल पर फंसे घायलों को नीचे उतरवाया। किंतु यहां एक घायल को बचाया नहीं (मॉक ड्रिल) जा सका। जबकि उन्होंने सात व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाला, जिनमें कई घायलों को गहरी चोट आई थी। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
हिंदू कॉलेज व सामान्य अस्पताल
इसके अलावा हिंदू कालेज तथा सामान्य अस्पताल में भी आपदा की स्थिति से जूझते हुए एनडीआरएफ व पुलिस-प्रशासन की टीमों ने सामान्य अस्पताल से आठ तथा हिंदू कालेज से 10 लोगों के प्राणों की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। हिंदू कालेज में एएसआई संजीव कुमार ने अपनी टीम के साथ मुस्तैदी व समर्पण के साथ राहत कार्य में प्रमुख योगदान दियडा।
डीसी व एसएसपी ने किया निरीक्षण
इस दौरान मॉक ड्रिल का जायजा लेने के लिए उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग व पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता ने भी मौके का दौरा किया। उन्होंने सुभाष स्टेडियम में बनाये गये हैल्थ कैम्प एवं अस्पताल का गंभीरता से निरीक्षण करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि आपदा कभी बताकर नहीं आती। इसलिए 24 घंटे हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। करीब एक घंटे तक चली मॉक ड्रिल में अतिरिक्त उपायुक्त आमना तसनीम, एएसपी डीके भारद्वाज, एनडीआरएफ के ऑब्जर्वर श्रीनिवास तथा सिविल डिफेंस के कमांडेंट विजेंद्र कुमार मौजूद रहे।
यहां रही खामियां....
कच्चे क्वार्टर पर अतिक्रमण बना बाधा
प्रशासन ने पहले कच्चे क्वार्टर को मॉक ड्रिल का प्वाइंट बनाया था। यहां पर भूकंप की सूचना के बाद पहुंची एसडीएम सुभिता ढाका की टीम ने देखा कि अतिक्रमण के चलते यहां अभियान सही नहीं चल सकेगा तो सुभाष चौक के पीछे स्थित दुकानों में मॉक ड्रिल करनी पड़ी।
सुभाष चौक पर देरी से पहुंची एंबुलेंस
सुभाष चौक पर मॉक ड्रिल के लिए सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस 15 मिनट देरी से पहुंच सकी। जिससे भूकंप पीड़ित को परेशानी हुई।
सामान्य अस्पातल में खड़े रहे डाक्टर
सामान्य अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान मरीज जमीन पर पड़े रहे। वहां कुछ डाक्टर व अन्य कर्मी देखते रहे। यहां तक की कुछ हंसते हुए भी नजर आए।