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भिगान टोल से रोडवेज को हर महीने लगेगा 19.

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भिगान टोल से रोडवेज को हर महीने लगेगा 19.80 लाख का चूना
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नेशनल हाईवे 1 पर भिगान चौक पर लगाए गए टोल प्लाजा से सबसे ज्यादा नुकसान रोडवेज को होता दिखाई दे रहा है। क्योंकि जिस तरह से टोल प्लाजा से रोडवेज की बसों का आवागमन होता है, उससे हर महीने रोडवेज को हर महीने 19.80 लाख रुपये का चूना लगना पक्का है। इसमें भी सबसे ज्यादा नुकसान सोनीपत डिपो को होगा, जिसकी 96 बसें रोजाना वहां से गुजरती हैं, और उसको रोजाना की 330 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ती है। वहीं टोल प्लाजा के कारण रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है, जिनको टोल प्लाजा की लाइन में घंटों तक बस के अंदर बैठा रहना पड़ता है और उनका सफर का समय बहुत लंबा हो रहा है।
सोनीपत डिपो की रोजाना 96 बसें टोल प्लाजा से होकर गुजरती है। यह बसें पानीपत, यमुनानगर, चंडीगढ़, जम्मू, पठानकोट, हरिद्वार, शिमला के अलावा लोकल रूट मलिकपुर, घसौली, दातौली, उमेदगढ़ पर चलती है। इन सभी बसों को रोजाना 330 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ती है, क्योंकि यह आने-जाने की पर्ची एक साथ कटवाते है और उस पर्ची से 24 घंटे तक चक्कर लगाया जा सकता है। इनके अलावा टोल प्लाजा से रोजाना पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला की लगभग 104 बसें गुजरती है और उनकी भी 330 रुपये की पर्ची कटवाई जाती है। इस तरह एक दिन में परिवहन विभाग के खजाने से 66 हजार रुपये जाता है जो एक महीने में 19 लाख 80 हजार रुपये होता है। यह जरूर है कि इतनी मोटी रकम खर्च होने के बाद भी परिवहन विभाग ने अभी तक किराया नहीं बढ़ाया है और जिस तरह से रोजाना का इतना खर्च बढ़ा है। उसको देखते हुए माना जा रहा है कि परिवहन विभाग जल्द ही किराया बढ़ा सकता है।
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यात्रियों के सफर का समय हो रहा लंबा
टोल प्लाजा पर लंबी लाइन होने के कारण रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के सफर का समय भी लंबा हो रहा है। पानीपत तक का सफर जहां लगभग एक घंटा लगता था, वहीं अब यह सफर दो घंटे तक हो गया है और टोल प्लाजा पर जाम ज्यादा लंबा हो तो सफर में ओर भी ज्यादा समय लगता है। टोल प्लाजा पर सोमवार के दिन भी लंबी लाइन होने के कारण बस में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी और उनको 30 मिनट से एक घंटा तक ज्यादा समय लगा।
आज से होगा आंदोलन
सोनीपत के व्यापारियों ने टोल प्लाजा के विरोध में टोल हटाओ संघर्ष समिति बनाई है और यह समिति आज से टोल का विरोध शुरू करेगी। सोनीपत व्यापार मंडल एसोसिएशन व नगर सुधार मंच की ओर से यह समिति बनाई गई है, जिसमें लोगों को जोड़ा जा रहा है। सोनीपत व्यापार मंडल एसोसिएशन के प्रधान संजय सिंगला ने बताया कि इस आंदोलन में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से सहयोग मांगा गया है। उनसे कहा गया है कि वह अपने लेटर हेड पर विरोध स्वरूप पत्र लिखकर समिति को दे सकते हैं और आंदोलन से जुड़ सकते है। जिससे सोनीपत के लोगों को टोल टैक्स से छूट मिल सके।
टैक्स बचाने का विकल्प तलाशा
वाहन मालिकों ने टोल टैक्स की मार से बचने के लिए संपर्क मार्ग के सहारे विकल्प भी तलाश लिया है। जहां एक विकल्प सोनीपत से कामी होते हुए भिगान पहुंचकर जीटी रोड पर पहुंचा जा रहा है और इस तरह ही जीटी रोड से वापस सोनीपत आया जा सकता है। इस तरह ही सोनीपत से हसनपुर होते हुए धतूरी से जीटी रोड पर निकला जा सकता है और ऐसे ही वापसी हो सकती है।
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टोल प्लाजा से निकलने वाली बसों को टैक्स की पर्ची कटवानी पड़ती है और इससे काफी खर्च बढ़ गया है। यहां से अकेले सोनीपत डिपो की लगभग 96 बसों को टोल टैक्स देना पड़ रहा है, जबकि अन्य जिलों के डिपो की बस भी वहां से गुजरती है। बसों का किराया बढ़ाने को लेकर सरकार जिस तरह के आदेश जारी करेगी, उसके तहत ही काम किया जाएगा। जोगेंद्र रावल, जीएम रोडवेज
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